(फोटो: भाजपा नेता दिगंबर सिंह।)
जयपुर। सूरजगढ़ विधानसभा सीट कांग्रेस भले ही विजयी रही, लेकिन सही मायने में यह उसकी जीत नहीं मानी जा सकती। असल में भाजपा ने अपने बागी प्रत्याशी को कमजोर माना। उसको मनाने की कोई कोशिश नहीं की। यही वजह रही कि कांग्रेस को सफल रही और भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।
सूरजगढ़ विधानसभा सीट को सबसे प्रतिष्ठित सीट माना जा रहा था। कांग्रेस व भाजपा, दोनों ही पार्टिंयों के लिए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने यहां से फिर से श्रवण कुमार को प्रत्याशी बनाया जबकि ओला परिवार इससे खुश नहीं था। वहीं, भाजपा ने भी पिछला विधानसभा चुनाव हारे एवं पूर्व मंत्री डा. दिगंबर सिंह को मैदान में उतारा। भाजपा के स्थानीय नेताओं के यह गले नहीं उतरा। बगावत का बिगुल बजा।
भाजपा की युवा नेत्री नीता यादव बागी प्रत्याशी के तौर पर मैदान में डटी रही। आखिर में वही हार का बड़ा कारण बनी। दिगंबर सिंह यहां से मात्र तीन हजार 270 वोटों से हारे जबकि, भाजपा की बागी नीता यादव करीब 21 हजार वोट ले गईं। राजनीति के जानकारी भाजपा की हार की सबसे बड़ी वजह इसी को मानते हैं। हालांकि, इस पर और मंथन होना बाकी है।