जयपुर। राजस्थान से रोजाना दिल्ली जाने वाले रोड़ी-बजरी के 3,000 से ज्यादा ट्रकों ने प्रदेश की 200 किलोमीटर के करीब की सड़कों को पूरी तरह बर्बाद करके रख दिया है। इन सड़कों को दोबारा बनाने पर 200 करोड़ रुपये की ही लागत आएगी।
इन ट्रकों की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ को भी नुकसान पहुंच रहा है और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारी भी इस स्थिति से खासे परेशान हैं।
जयपुर जिले की कोटपूतली तहसील के नारेडा, चोटिया, कल्याणपुरा कलां, सुदरपुरा, द्वारिकापुरा, पुरुषोत्तमपुरा, पावना आवीर, भैंसलाना व बनेरी बांध समेत एक दर्जन गांवों में तकरीबन 60 स्टोन क्रेशर चल रहे हैं। इन क्रेशरों से रोजाना 1,000 से ज्यादा ट्रक बजरी लेकर दिल्ली जाते हैं। साथ ही, रोजाना 2,000 से ज्यादा ट्रक रोडी लेकर दिल्ली जाते हैं।
इन भारी ट्रकों के आवागमन की वजह से इस इलाके की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और स्थानीय निवासी सड़कों पर उड़ रही धूल फांक-फांक कर अपने फेफड़े खराब कर रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी हालात के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। सड़क बनाने वाले कह रहे हैं कि जब तक ओवरलोडिंग नहीं रुकेगी, सड़क बनाने का कोई फायदा नहीं। वहीं ट्रैफिक पुलिस कह रही है कि ओवरलोडिंग रोकना उनका काम नहीं।