ड्रिप (बूंद-बूंद) सिंचाई की प्रतिकात्मक तस्वीर।
जयपुर। जयपुर डिस्कॉम प्रबंधन ने किसानों को ड्रिप (बूंद-बूंद) व फव्वारा योजना से बिजली कनेक्शन देने पर फिलहाल अघोषित पाबंदी लगा दी है।
जानकारी के अनुसार बिजली कंपनी के एईएन व एक्सईएन कॉमर्शियल विंग की ओर से जारी आदेशों का हवाला देकर ड्रिप योजना के बिजली कनेक्शनों का एस्टीमेट बनाने से आना कानी कर रहे है। ऐसे में लाखों रुपए खर्च कर ट्यूबवेल को कनेक्शन नहीं मिलने से किसान कर्जे में डूबने लगे है।
किसानों का कहना है कि यदि रबी की फसल से पहले बिजली कनेक्शन नहीं मिला तो कर्जा चुकाना दूभर हो जाएगा। जयपुर डिस्कॉम के इंजीनियरों का कहना है कि ड्रिप व फव्वारा योजना से कनेक्शन देने की कीमत बढ़ाई जा रही है। ऐसे में इस योजना से कनेक्शन देने पर पाबंदी लगा रखी है।
एक लाख रुपए ज्यादा देने पर भी नहीं हो रहे कनेक्शन :
प्रदेश में किसानों को खेती के लिए बिजली कनेक्शन देने में सरकार की गलत नीति के कारण किसानों को सामान्य श्रेणी में 2009 के बाद कनेक्शन नहीं मिल पा रहे है। बिजली कंपनी ने किसानों को शीघ्र कनेक्शन देने के लिए ड्रिप व फव्वारा योजना की घोषणा कर दी।
क्या है स्कीम ?
इस योजना में कनेक्शन के ट्रांसफार्मर, एचटी लाइन व सर्विस केबल का पैसा किसान को ही चुकाना होता है। इसके साथ ही किसान को ड्रिप व फव्वारा के सिंचाई का प्रमाण पत्र भी देना होता है। फव्वारा योजना में किसान को सामान्य श्रेणी से करीब एक लाख रुपए ज्यादा चुकाना होता है।