प्रतिकात्मक तस्वीर।
जयपुर। राज्य के समस्त शस्त्र अनुज्ञापत्रधारी अनुज्ञा पत्र से सम्बन्धित समस्त जानकारी अनुज्ञापन प्राधिकारी कार्यालय में उपलब्ध करवायें ताकि समस्त जानकारी कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर पर अपलोड कर यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर जारी किये जा सकें। जिन शस्त्र अनुज्ञा पत्रधारक के पास यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर नहीं होगा वे शस्त्र एक अक्टूबर, 2015 के बाद अवैध होंगे।
शासन संयुक्त सचिव गृह (आपदा प्रबंध) ने बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2012 में शस्त्र अनुज्ञापत्रों का राष्ट्रीय आंकड़ा कोष परियोजना प्रारंभ की गई थी। इस संबंध में आयुध नियम में 24 जुलाई, 2012 को संशोधन किया गया। संशोधन के अनुसार जिन शस्त्र अनुज्ञा पत्रधारक के पास यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर नहीं होगा वे शस्त्र एक अक्टूबर, 2015 के बाद अवैध होंगे।