(फोटो: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और पूर्व सीएम अशोक गहलोत का फाइल फोटो।)
जयपुर। चार में से तीन सीट जीतने के बाद कांग्रेस में खासा उत्साह है। इस जीत को कांग्रेस न केवल प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट की जीत के रूप में माना जा रहा। पार्टी नेतृत्व की भी इस बात को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया है।
प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने जीत का श्रेय कार्यकर्ताओं की मेहनत, सभी छोटे-बड़े नेताओं, पदाधिकारियों, संगठन की रणनीति और भाजपा सरकार के नकारात्मक रवैये को पार्टी की जीत का कारण बताया है।
पायलट ने कहा- आजाद भारत में पहला मौका है जब भारी मेन्डेट मिलने के कुछ माह बाद ही किसी पार्टी को जनता ने इस तरह से नकारा है। यह कांग्रेस की जमीनी ताकत को दिखाता है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की एरोगेंसी और सरकार की ओर से जनता के काम नहीं करने के कारण ही भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा है।
यूं लगाए आरोप:
उन्होंने कहा कि सभी चारों सीटों पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डराया गया, धमकाया गया। सरकारी कर्मचारियों पर दबाव बनाया गया। चुनाव प्रचार खत्म होने के बावजूद मतदान वाले दिन शाम तक मंत्री, एमएलए, एमपी उपचुनाव क्षेत्र में बने रहे। बूथों तक घूमते रहे। इन सबकी शिकायतें चुनाव आयोग को की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
गहलोत ने कहा-
भाजपा सरकार ने बीते 10 माह में कुछ नहीं किया। हमारी योजनाओं को ही चलाते रहते, उनमें सुधार कर आगे बढ़ाते तो जीत सकते थे लेकिन वे जनता को बरगलाते रहे। हर वर्ग को परेशान करते रहे। योजनाएं बंद नहीं की, लेकिन उन्हें बर्बाद करने का काम किया। यह जनता के गुस्से की अभिव्यक्ति है।
सरकार सबसे पहले भरतपुर गई, वहां की एक लाख से ज्यादा शिकायतें थीं, उनका कुछ करते तो अच्छे परिणाम मिलते। वह तो संभागों में सैर सपाटा करने जा रही है। सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया है। आचार संहिता का उल्लंघन किया गया।
सोनिया गांधी और
राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में हार के बाद कहा था कि जनता के बीच जाकर उनके कामों में रुचि लें, उसी रणनीति का परिणाम सामने है। इसलिए कार्यकर्ता एकजुट हैं और अब मोदी और वसुंधरा के कांग्रेस मुक्त भारत के नारे की पोल कुछ महीने में ही खुल गई है।