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३४ साल पहले जीते पहाड़िया के नाम है उपचुनाव में सबसे बड़ी जीत रिकॉर्ड

7 वर्ष पहले
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फोटो: नसीराबाद सीट से विजयी हासिल करने वाले कांग्रेस प्रत्‍याशी रामनारायण (बाएं) और भाजपा प्रत्‍याशी सरिता गैना (दाएं)।
जयपुर। प्रदेश में 4 विधान सभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव के नतीजों में भले ही कांग्रेस ने भाजपा को करारी शिकस्‍त दी हो लेकिन जीत का एक रिकॉर्ड ऐसा भी है जिसे कांग्रेस का कोई भी प्रत्‍याशी नहीं तोड़ पाया। हम बात कर रहे हैं प्रदेश में अब तक हुए उपचुनावों में सबसे बड़े जीत के अंतर के रिकॉर्ड की। उधर, अजमेर की नसीराबाद सीट से भाजपा की सरिता गैना की हार और कांग्रेस के रामनारायण गुर्ज की (386 मतों से) जीत एक अनोखे रिकॉर्ड में दर्ज हो गई। दरअसल, इस चुनाव में भी नसीराबाद सीट पर जीत-हार का अंतर 500 मतों से कम रहा है जो अब तक के सबसे कम जीत के अंतर वाले 5 नतीजों में शामिल हो गया है।
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उल्‍लेखनीय है कि नसीराबाद सीट पर अब तक हुए चुनाव में 5 नतीजों में उम्‍मीदवार 500 से कम वोटों से जीते हैं। नसीराबाद विधानसभा सीट पर अब तक के चुनाव में यह पांच बार ऐसा मौका है जब जीत का अंतर पांच सौ से भी कम रहा है।
नसीराबाद सीट से 500 मतों से कम अंतर से जीत के परिणाम:
  1. वर्ष 1977 : जनता लहर में कांग्रेस के गोविंद सिंह गुर्जर को जनता पार्टी के भंवर लाल ने महज 139 मतों से हरा दिया था। गुर्जर को 15201 और भंवर लाल को 15340 वोट मिले थे।
  2. वर्ष 1993: कांग्रेस के गोविंद सिंह गुर्जर ने महज 42 वोट से जीत हासिल कर पाए। गुर्जर को 34870 वोट मिले जबकि, भाजपा के मदनसिंह रावत को 34828 मत मिले थे।
  3. वर्ष 2003 : कांग्रेस के गोविंद सिंह गुर्जर व भाजपा के मदन सिंह रावत के बीच मुकाबला हुआ। गुर्जर को 43611 वोट व रावत को 43158 वोट मिले। जीत का अंतर था 453 वोट।
  4. वर्ष 2008 : कांग्रेस के महेंद्र सिंह ने भाजपा के सांवर लाल जाट को महज 71 वोट से हराया था। महेंद्र सिंह को 52815 वोट और तत्कालीन सरकार में मंत्री जाट को 52744 वोट मिले थे।
  5. वर्ष 2014: उपचुनाव में कांग्रेस के रामनारायण गुर्जर ने भाजपा की सरिता गैना से महज 386 वोट से हराया। गुर्जर ने 66648 और गैना ने 66252 मत हासिल किए।
34 से नहीं टूट पाया पहाडि़या का रिकॉर्ड :
प्रदेश में अब तक हुए उपचुनावों में सबसे बड़ी जीत कांग्रेस नेता जगन्नाथ पहाड़िया के नाम रही। पहाड़िया ने 6 जून 1980 को राज्य के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद नवंबर, 1980 में उन्होंने वैर से उपचुनाव लड़ा था। पहाड़िया यहां से 61 हजार 553 वोट हासिल कर 58 हजार 879 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। आज 34 वर्ष बाद भी पहाडि़यां का यह रिकॉर्ड बरकरार है।
सबसे कम 11 मतों से जीती थी मधु :
प्रदेश में उपचुनाव में सबसे कम 11 वोटों से जीत निंबाहेड़ा से कांग्रेस की मधु दाधीच की रही थी। फरवरी, 2000 में हुए उपचुनाव में दाधीच को 48 हजार 201 वोट मिले जबकि, भाजपा के प्रत्याशी नारायण सिंह झाला को 48 हाजर 190 वोट मिले थे।