जयपुर। तहसीलदार व सबरजिस्ट्रार अब डीएलसी रेट बढ़ाने के संशोधित प्रस्ताव दुबारा से विधायक व प्रधानों को भिजवाएंगे ताकि जमीन की डीएलसी रेट तय करने के लिए अगले सप्ताह होने वाली जिला स्तरीय कमेटी के दौरान कोई हंगामा या विवाद नहीं हो।
कलेक्टर कृष्ण कुणाल ने भी तहसीलदार व सबरजिस्ट्रार की बैठक में डीएलसी रेट के प्रस्तावों का गहनता से निरीक्षण व जांच करने के निर्देश दिए थे ताकि आम जनता पर इसका भार नहीं पड़े।
शहर में जमीन की डीएलसी रेट में 10 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी। जिले में जमीन के भाव व रजिस्ट्री की स्टडी के प्रस्तावों से डीएलसी रेट तय की जा रही है। वैशालीनगर, जगतपुरा, झोटवाड़ा, मालवीयनगर सहित अन्य इलाकों में जमीनों के भावों में आए उछाल के बाद डीएलसी रेट में 25 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी की जाएगी।
सरकार ने बजट भाषण में डीएलसी बैठक नहीं होने पर संबंधित जिलों में 30 सितंबर 2014 से 10 अथवा 15 प्रतिशत डीएलसी दर बढ़ाने की घोषणा की थी। जयपुर में मई 2010 के बाद डीएलसी की बैठक नहीं हुई।
वहीं सरकार ने भी मार्च 2012 के बाद जिले में डीएलसी रेट नहीं बढ़ाई है। ऐसे में यदि 30 सितंबर तक डीएलसी की बैठक नहीं हुई तो डीएलसी रेट में 15 फीसदी बढ़ोत्तरी हो जाएगी।