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भारत से आधे खर्च में चीन में हो जाती है एमबीबीएस

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज. जयपुर
डॉक्टरी बनने का सपना पूरा करने के लिए पीएमटी में पास नहीं होने वाले छात्र-छात्राएं अब चीन की ओर रूख करने लगे है। भारत के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में डोनेशन देने के बाद पेमेंट सीट से डॉक्टर (एमबीबीएस) बनने पर ४० लाख रुपए खर्च आता है। वहीं चीन से एमबीबीएस करने में पांच साल लगते है तथा केवल २० लाख रुपए ही खर्चा होता है।
हालांकि चीन या रूस से एमबीबीएस की डिग्री करने के बाद उन छात्रों को एमसीआई का स्क्रीनिंग टेस्ट पास करना होता है। यह टेस्ट साल में दो बार (जून व दिसंबर) होता है तथा इसमें ३०० में से १५० अंक लाने होते है।
पांच सौ छात्र जाते है चीन व रूस :
प्रदेश के करीब पांच सौ छात्र मेडिकल सहित अन्य डिग्री लेने के लिए हर साल चीन व रूस जाते है। इनमें से करीब ३०० छात्र चीन व करीब २०० छात्र रूस जाते है।

इनका रखे ध्यान:
- यूनिवर्सिटी की कोई भी फीस कंसल्टेंट को नहीं दे।
- कंसल्टेंट को प्रोसेसिंग फीस देने से पहले उसकी Ÿ\"र से उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाŸ\"ं को लिखित में ले।
-संबंधित यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई करके आने वाले पूर्व छात्रों से फीडबैक जरुरी ले।