जयपुर। विधानसभा में बुधवार को जब भूमि अधिग्रहण संशोधन अधिनियम पेश किया गया, उस पर विधायक घनश्याम तिवाडी ने आपत्ति की। उन्होंने इसके पेश किए जाने के तरीके पर आपत्ति जताई।
घनश्याम तिवाडी ने कहा कि यहां सदन में जो विधेयक पेश किया गया है, क्या वह इस केंद्रीय कानून की धाराओं में संशोधन है। या फिर यह केंद्रीय कानून से अलग कोई विधेयक है। उन्होंने कहा, उनका यह व्यवस्था का प्रश्न है कि इसकी धाराओं में संशोधन किया जाना है तो वे कौन्—कौन सी धाराएं हैं, उनके सभी सेक्शन का उल्लेख यहां पेश किए जाने के साथ लिखकर किया जाना चाहिए था।
यदि केंद्रीय कानून से अलग कोई विधेयक लाया जा रहा है तो हम संसद को सुपरसीड करने का प्रयास कर रहे हैं। यानी संसद के अधिकारों पर अतिक्रमण कर रहे हैं, क्योंकि जिसके लिए संसद में १० साल तक चर्चा चली, बहस चली और उसके बाद वह विधेयक लाया गया, और अब इसे राजस्थान विधानसभा में लाया जा रहा है।
इनमें से कौनसी स्थिति है, इसे न केवल स्पष्ट किया जाना चाहिए, बल्कि कार्य सलाहकार समिति की बैठक में फिर से विचार कर इसे स्पष्ट करते हुए यहां पेश किया जाना चाहिए।
तिवाडी की बात पर विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने इस विधेयक को ऐसी ही स्थिति में पेश करने की अनुमति दे दी।