जयपुर। राजस्थान यूनिवर्सिटी के कुलपति ने विवेकानंद हॉस्टल में रैगिंग प्रकरण में 10 छात्रों को कॉलेज व हॉस्टल से बर्खास्त (रेस्टिकेट) किया है।
दोषी छात्रों के खिलाफ जूनियर छात्रों को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत थी। इस मामले में कुलपति देव स्वरूप ने शिक्षकों की एक कमेटी गठित की थी। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर इन्हें निलंबित किया गया है।
गौरतलब है कि पीड़ित छात्रों ने पिछले दिनों कुलपति को अपनी शिकायत में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार कार्यवाही नहीं हो रही है। ऐसे में वे यूनिवर्सिटी के खिलाफ कोर्ट की शरण में जाएंगे। माना जा रहा है कि छात्रों की इसी चेतावनी के कारण यूनिवर्सिटी ने तुरत-फुरत एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक करके यह निर्णय किया।
कमरा नंबर 52 को बनाया र्टोचर रूम .......
इन छात्रों ने जूनियर छात्रों व एसटी के छात्रों को प्रताड़ित करने के लिए विवेकानंद हॉस्टल के कमरा नंबर 52 को एक र्टोचर रूम के रूप में विकसित कर रखा था। छात्रों का आरोप है कि रविवार व सोमवार को भी इसी कमरे में रैगिंग हुई थी।
ये सभी दोषी छात्र राजस्थान कॉलेज के रेगुलर छात्र हैं, इन्हें कॉलेज से भी निलंबित कर दिया गया है। ये छात्र हैं -
अजयपाल बिश्नोई ... बीए प्रथम वर्ष
हंस राज ...... बीए प्रथम वर्ष
मनोज कुमार ..... बीए प्रथम वर्ष
मनफूल विश्नोई ...... बीए द्वितीय वर्ष
नरेश जियानी .... बीए प्रथम वर्ष
प्रवीण जाट. बीए द्वितीय वर्ष
साहिल ..... बीए प्रथम वर्ष
संदीप विश्नोई......बीए प्रथम वर्ष
सुरेश कुमार पिलानिया ....बीए फाइनल
सुरेश कुमार- बीए द्वितीय वर्ष
(फोटो:राजस्थान यूनिवर्सिटी का फाइल फोटो।)