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7 वर्ष पहले
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फोटो: dainikbhaskar.com पर प्रकाशित खबर।
जयपुर। शिक्षा विभाग के एकीकरण अभियान के तहत स्‍कूल भवन से सड़क पर आए छात्रों और शिक्षकों का अब स्‍कूल भवन की छांव मिल गई है। शिक्षा विभाग ने स्‍कूल के सभी बच्‍चों को निकटवृति स्‍कूल (गोपालपुरा देवरी उच्च माध्‍यमिक विद्यालय) में अस्‍थाई रूप से जगह दी है। साथ ही जल्‍द ही स्‍थाई बंदोबस्‍त करने का भी आश्‍वासन दिया गया है।
उल्‍लेखनीय है कि dainikbhaskar.com पर शु्क्रवार को प्रकाशित खबर (जयपुर में सड़क पर चलता है यह स्‍कूल, मजबूरी ऐसी की खुले में खाते हैं मिड-डे मील ) के बाद राजस्‍थान सरकार का इस ओर ध्‍यान गया और जल्‍द ही बच्‍चों के लिए शिक्षा भवन का इंतजाम कर दिया गया।
उल्‍लेखनीय है कि शिक्षा विभाग की कम नामांकन के कारण दूसरे स्कूलों में मर्ज करने की योजना के कारण दो स्कूलों के बच्चों के आगे परेशानी खड़ी हो गई थी। दोनों ही स्कूल के 124 बच्चे खुले आसमान के नीचे और सड़क पर पढ़ाई को मजबूर हो गए थे। बच्चों को दोपहर का भोजन भी सड़क पर ही कराया जा रहा था।
2008 से चल रहा था स्‍कूल, ऐसी बिगड़े हालात:
यह स्‍कूल है शहर के बीच गुर्जर की थड़ी स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल, नवीन चंपा नगर। यह स्कूल 2008 में खोला गया था। यहां 70 बच्चे और दो शिक्षक है। स्कूल के पास पहले से ही खुद का कोई भवन नहीं है। लेकिन पिछले दिनों हुई एकीकरण की प्रक्रिया में इस बिना भवन की स्कूल को आदर्श स्कूल बनाते हुए इसमें नजदीक स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल चंपा नगर ओल्ड को मर्ज कर दिया गया। इस स्कूल में 54 बच्चे और 5 शिक्षक है। इस स्कूल को नवीन चंपा नगर में मर्ज करने के बाद यहां 124 बच्चे हो गए। इतनी संख्या में बच्चे होने से स्कूल संचालन में परेशानी खड़ी हो गई। भवन व कमरों के अभाव में शिक्षकों को इन बच्चों की पढ़ाई सड़क पर करानी पड़ी।
आगे देखें: सड़क पर पढ़ते बच्‍चों का फाइल फोटो।