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प्रतिस्पर्द्धा में टिके रहने के लिए आजीविका मिशन में बैंक गारंटी हुआ ६.२५ फीसदी क्रॉसर : अब कंपनियों को युवाओं को हुनरमंद बनाने में होगी और भी ज्यादा आसानी

7 वर्ष पहले
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जयपुर। बिहार, ओडिशा सहित अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्द्धा में टिके रहने के लिए आजीविका मिशन में कंपनियों की बैंक गारंटी घटाकर 6.25 फीसदी कर दी गई है। इसके पहले मिशन के पहले फेज में बैंक गारंटी 25 फीसदी थी।
मिशन के तहत युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए ट्रेनिंग दे रही कंपनियों को इतनी बड़ी राशि देने पर बड़ी आपत्ति थी। ट्रेनिंग पार्टनर कंपनियों का कहना था कि इस गांरटी को कम किया जाए।

बिहार में इस मिशन के तहत कंपनियों को महज एक फीसदी की बैंक गारंटी देनी होती है, जबकि ओडिशा में कंपनियों को कोई भी बैंक गारंटी नहीं देनी होती है। आजीविका मिशन में खर्च की जाने वाली राशि में 75 फीसदी राशि भारत सरकार और 25 फीसदी राशि राज्य सरकार को देना होता है।
बैंक गारंटी में अब आए बदलाव से प्रदेश सरकार पर भार बढ़ जाएगा। पहले प्रदेश सरकार अपने हिस्से की राशि को कंपनियों की 25 फीसदी बैंक गारंटी के माध्यम से फंड मुहैया कराती थी। अब यह होगा कि प्रदेश सरकार की तरफ से दिए जाने वाले धन का सिर्फ 6.25 फीसदी राशि बैंक गारंटी के माध्यम से सुरक्षित होगी। बाकी का फंड प्रदेश सरकार को ही देना होगा।
राजस्थान आजीविका एवं कौशल विकास निगम के एमडी गौरव गोयल ने बताया कि प्रतियोगिता के दौर में यह निर्णय बहुत ही जरूरी था। अब आजीविका मिशन की कंपनियों को प्रदेश में राहत मिलेगी।
दूसरे राज्यों की तुलना में उन्हें यहां काम करने में घाटे का अनुभव या अन्य परेशानी नहीं होगी। अब प्रदेश की इस मामले में भी दूसरे राज्यों के साथ तुलना की जा सकती है। साथ ही अब यहां के युवाओं को हुनरमंद बनाने में और भी ज्यादा आसानी होगी।