जयपुर। ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फैडरेशन के आह्वान पर नार्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन ने शुक्रवार को डीआरएम ऑफिस पर प्रदर्शन किया। केन्द्र व राज्य सरकार की कथित श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ किए गए प्रदर्शन में रेल मंत्री और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और रोष जताया गया।
सैंकड़ों की संख्या में पहुंचे रेलकर्मियों ने कहा कि सरकार ने रेलवे में एफडीआई का निर्णय किया है, वह गलत है। इससे रेलवे को नुकसान होगा और बेरोजगारों के हाथों से रोजगार छिनेगा।
यूनियन के महामंत्री मुकेश माथुर ने बताया कि भारतीय रेल में 100 प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष पूंजी निवेश से रेल के वर्तमान स्वरूप पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
रेल कर्मचारियों ने बांदीकुई, जयपुर, सीकर, रेवाडी, फुलेरा, अजमेर, ब्यावर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, हिसार, हनुमानगढ, गंगानगर, बाडमेर सहित 50 से अधिक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया।
इसके अलावा रेलकर्मियों ने जगतपुरा स्थित महाप्रबंधक कार्यालय पर भी विरोध प्रदर्शन किया। इन कर्मियों का कहना है कि सरकार रेलवे को बढावा देनी चाहती है जो सही है लेकिन एफडीआई के आने से भ्रष्टाचार बढेगा। उन्होंने किसी भी हाल में एफडीआई के नहीं आने देने की बात कही।