जयपुर। सिंघाना के इंदु अल्ट्रा साउंड सोनोग्राफी सेंटर पर भ्रूण लिंग जांच में पकड़े गए डॉ. योगेश कुमार की राजस्थान हाईकोर्ट ने जमानत खारिज कर दी है।
स्टेट नोडल अधिकारी (पीसीपीएनडीटी सेल) एवं उपनिदेशक किशना राम ईशरवाल ने बताया कि पीसीपीएनडीटी में यह पहला मामला है, जब कोर्ट ने जमानत खारिज की है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. योगेश कुमार ने दिल्ली के हरी नगर स्थित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में सरकारी सेवा में रहते हुए दिल्ली व राजस्थान के 12 निजी सेंटरों पर सोनोग्राफी करने की पुष्टि हो चुकी है।
अब तक पकड़े गए डॉक्टर व दलाल
डॉ. संजीव भार्गव, डॉ.अनूप मेहता, डॉ.डी.डी.गुप्ता, डॉ. अनिल कुमार , दलाल शांति देवी, हनुमान चौधरी, हरी कुमावत, डॉ. मोनिका गोयल, विमल सैनी, अर्जुनलाल, खेताराम, डॉ. अमित सिंघल, सुरेन्द्र सिंह, गोपाल सिंह, नरेन्द्र सिंह आदि।
अवैध सोनोग्राफी बेचने वाले आरोपी:
मराज शर्मा, विष्णु अचावा, दिलीप शर्मा, भूपेन्द्र शर्मा आदि।