जयपुर। एकीकरण के नाम पर सरकारी स्कूलों को बंद करने का विरोध विधानसभा में गुरुवार को भी उठा। इस मामले में विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ।
हालांकि शिक्षामंत्री कालीचरण सराफ ने पहली बार सदन में स्वीकारा की एकीकरण में कई जगह गलतियां हुई हैं लेकिन इसमें सुधार के लिए सार्वजनिक रूप से आपत्तियां मांगने की बात कही। सराफ ने कहा कि विभाग ने 31 अगस्त तक आपत्तिया मांगी थीं लेकिन महज 2500 स्कूलों को लेकर ही शिकायतें आई, इनका समाधान अगले दो तीन दिन में करा दिया जाएगा।
इससे पहले कांग्रेस विधायक सुखराम विश्नोई ने स्थगन के जरीए यह मामला उठाते हुए सरकार पर तय मापदंडों को दरकिनार कर स्कूलों के एकीकरण करने का आरोप लगाया। विश्नोई ने अपने विधानसभा क्षेत्र में नियमों को दरकिनार कर किए गए एकीकरण की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
इस विषय पर कांग्रेस विधायक प्रद्युमन सिंह ने सरकार से पूछा कि स्कूलों को एकीकरण करके बंद करने या विलय करके बंद करने में आखिर अंतर क्या है। अंतत: तो स्कूल बंद ही हो गए ना। पर इस शिक्षा मंत्री ने माना कि जो चूक हुई हैं, उनका समाधान किया जाएगा। इसके प्रावधानों के अनुरूप ही होंगे।