राजस्थान विधानसभा (फाइल फोटो)
जयपुर। विधानसभा में गुरुवार को बारां के आदिवासी इलाकों में कुपोषण से मौत का मामले पर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। इस मामले को विधानसभा में राजपा विधायक किरोडीलाल मीणा ने उठाया। इसे लेकर सरकार ने जवाब जरूर दिया लेकिन विपक्ष उनके जवाब से संतुष्ट नजर नहीं आया।
विधानसभा में किरोडी लाल मीणा ने कहा कि शाहबाद के आदिवासी क्षेत्र में सहरिया जाति के बच्चे भूख से मर रहे हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। पूर्व सरकार ने जो खाद्य सामग्री की योजनाएं चलाई थीं, उन पर इस सरकार ने अंकुश लगाकर खाने-पीने का बंदोबस्त खत्म करने का काम किया है।
किरोडी ने कहा कि वहां पीडितों का बयान है कि उनके यहां पूर्व सरकार के समय खाने की राशन सामग्री आती थी, वो अब नहीं आ रही। यह दुर्भाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र दुश्यंत सिंह इस क्षेत्र से सांसद हैं। इसके बावजूद वे वहां नहीं गए, न ही किसी जनप्रतिनिधि को भेजा गया। किसी ने वहां जाकर भी नहीं देखा।
इसके जवाब में चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड ने कहा कि कुपोषण से कोई मौत ही नहीं हुई। जो दो बच्चों की मौत हुई है, वे पूर्व की बीमारियों से हुई हैं। इसकी जांच हमने पहले ही करा ली है। कुपोषण से मौत की बात कहकर सनसनी नहीं फैलानी चाहिए।