जयपुर। उत्तराखण्ड त्रासदी में मारे गए लोगों को पिछली सरकार की दी गई अनुकम्पा नियुक्ति को निरस्त करने के मामले पर कांग्रेस ने विधानसभा से वॉक आउट किया।
कांग्रेस की ओर से विपक्ष के सचेतक गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार उत्तराखंड त्रासदी में मारे गए लोगों के साथ अन्याय कर रही है। कांग्रेस मृतकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति और पैकेज देने की घोषणा की थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे दुर्भावना के चलते पूर्ववती सरकार के फैसले को बदल दिया।
उन्होंने सरकार पर संवेदनहीन होने का अरोप लगाया। कहा कि एक तरफ तो सरकार उत्तराखंड त्रासदी में मारे गए लोगों के साथ अन्याय कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री
जम्मू कश्मीर में हजारों रुपए का पैकेज दे रहे हैं। यह सरकार की कैसी संवेदनशीलता।
इस पर सत्तापक्ष के सदस्यों की ओर से शोरशराबा शुरू हो गया। विपक्ष ने अपनी बात नहीं सुनने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉक आउट कर दिया। हालांकि डीग कुम्हेर विधायक विश्वेन्द्र विपक्षी सदस्यों के साथ नहीं गए। उन्होंने भरतपुर में महाराज सूरजमल विश्वविद्यालय में कुलपति की मनमानी की ओर ध्यान दिलाया और बाद में सदन से बाहर चले गए।
इस बीच ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सदन में स्पष्ट किया उत्तराखंड त्रासदी में मृतकों के परिजनों को देश के किसी भी राज्य में अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाती है तो यह भविष्य के लिए रास्ता खुल जाएगा। मैंने कई राज्यों से रिपोर्ट मंगाई और उसके बाद इस फैसले को बदला गया।