जयपुर। आजीविका मिशन के दूसरे चरण के तहत 33 नए प्रोजेक्टों के लिए पार्टनर्स की घोषणा जल्द हो सकती है। इसके लिए कंपनियों और संस्थाओं के आवेदनों पर विचार किया जा रहा है।
इसकी जांच की जा रही है कि कंपनियों ने जो अपने आवेदनों में बताया है, वह किस हद तक सच है। पड़ताल इसलिए भी जरूरी है कि यही कंपनियां और संस्थाएं युवाओं को अपने प्रोजेक्टों के माध्यम से हुनरमंद बनाएंगी। साथ ही शुरुआत में ही 50 फीसदी प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार भी देंगी। इसके लिए कंपनियां और संस्थाएं अपना प्रेजेंटेशन दे रही हैं।
इसमें उनके बताई गई बातों और अन्य तथ्यों के आधार पर नंबर दिए जाएंगे। फिर मामला बोर्ड ऑफ डाइरेक्टर में जाएगा और उसके बाद तय की गई कंपनियों और संस्थाओं के साथ एमओयू की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
राजस्थान आजीविका एवं कौशल विकास निगम के एमडी गौरव गोयल ने बताया कि पहले चरण में कंपनियों और संस्थाओं से 40 एमओयू किए गए थे। अब दूसरे चरण में 33 प्रोजेक्टों के लिए कंपनियों और संस्थाओं के प्रेजेंटेशन का काम चल रहा है। प्रोजेक्टों के लिए एमओयू जल्द कराए जाने की योजना है।