प्रतिकात्मक तस्वीर।
जयपुर। अपने कर्मचारियों की भविष्य निधि (पीएफ) का पैस समय पर जमा नहीं करवाने प्रदेश के 3000 से ज्यादा नियोक्ताओं को केंद्रीय भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने डिफाल्टर नोटिस भेजे हैं। इसमें 2100 नोटिस तो अकेले जयपुर में ही भेजे गए हैं। अब ईपीएफओ ने ऐसे मामलों में गिरफ्तारियां भी शुरू कर दी हैं और इसके तहत भिवाड़ी के एक कारोबारी को अरेस्ट भी किया जा चुका है। इन नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों के लिए विभाग में करोड़ों रुपए का पीएफ जमा करवाना होगा।
विभाग का कहना है कि नोटिस पर नियोक्ता ठीक जवाब नहीं देता है तो रिकवरी ऑफिसर उसे गिरफ्तार कर जेल भी भेज सकते हैं। ऐसे डिफाल्टरों को गिरफ्तार कर सिविल कोर्ट में पेश किया जाता है।
राजस्थान में गिरफ्तारी का पहला मामला:
ऐसे ही एक मामले में गुरुवार को भिवाड़ी के एक कारोबारी के खिलाफ विभाग ने एफआईआर करवाई थी जिसे पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। कारोबारी ने शुक्रवार को विभाग में छह लाख रुपए का डिमांड ड्राफ्ट जमा करवा दिया जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया। राजस्थान में पीएफ डिफाल्ट के केस में पिछले पांच सालों में यह गिरफ्तारी का पहला मामला है।
हो सकती है 6 महीने की कैद:
पीएफ डिफाल्ट मामले में उसे 6 महीने तक की कैद के प्रावधान हैं। सिंह ने बताया कि यह प्रावधान पहले भी थे लेकिन अब तक विभाग इस मामले में सख्ती नहीं बरत रहा था। अब ऐसे मामलों में गिरफ्तारी की जाएगी।