जयपुर शहर का एक दृश्य।
जयपुर। शहर के पॉश एरिया में ज्यादा व ग्रामीण एरिया में डीएलसी दर कम बढ़ेगी। तहसीलदार व सब रजिस्ट्रार की ओर से तैयार प्रस्ताव में पॉश इलाकों की डीएलसी को प्राथमिकता दी गई है।
पंजीयन मुद्रांक विभाग का 10 से 30 प्रतिशत दरों में वृद्धि करने का प्रस्ताव शायद ही पारित हो पाए, लेकिन विधायकों के रुख को देखते हुए लगता है कि शहर के पॉश इलाकों की दरों में वृद्धि होगी। विधायक कुछ क्षेत्रों में दरें बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों की दरों को यथावत रखने के पक्ष में हैं। अगर किसी वजह से नहीं होती है या बैठक में जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचते हैं तो डीएलसी दरों में 15 प्रतिशत वृद्धि स्वत: ही हो जाएगी।
सरकार की बजट घोषणा के मुताबिक कलेक्टर को डीएलसी दर में बढ़ोतरी करने के लिए 30 सितंबर तक बैठक बुलानी है। इस अवधि में बैठक नहीं बुलाने पर दरों में स्वतः ही 15 प्रतिशत बढ़ोतरी करने का प्रावधान है।
रजिस्ट्री होगी महंगी :
बैठक होने के बाद रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी। पंजीयन मुद्रांक विभाग डीएलसी दर के आधार पर रजिस्ट्री करता है। दरों में बढ़ोतरी होने पर विभाग को अजमेर जिले से 5 से 10 करोड़ रुपए की अधिक आय होने की उम्मीद है।