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सड़क सेक्टर में निवेश के लिए २४ कंपनियों ने दिए आवेदन

7 वर्ष पहले
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जयपुर। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत अगले पांच सालों में प्रदेश में 20,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का जाल बिछाने की वसुंधरा राजे सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना में निवेश के लिए देश की दिग्गज कंपनियों को जोड़ने की राजस्थान सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) की कोशिश रंग लाने लगी है।
देश की दो दर्जन से ज्यादा दिग्गज कंपनियों ने राज्य में पीपीपी सड़कों में निवेश करने के लिए आवेदन किए हैं।
कई दिग्गज कंपनियां आई
राजस्थान पीडब्लूडी की पीपीपी सेल के आला अधिकारियों ने बताया कि विभाग को 24 कंपनियों की ओर से प्री-क्वालिफिकेशन प्रक्रिया में शामिल होने के आवेदन हासिल हो चुके हैं। इन कंपनियों में अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड भी शामिल है।
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के खाते में नई दिल्ली स्थित एयरपोर्ट मेट्रो व मुंबई का सी-लिंक जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके अलावा, देश-विदेश में कंस्ट्रक्शन सेक्टर की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टर्बो (एलएंडटी) ने भी प्रदेश के सड़क सेक्टर में निवेश करने के लिए आवेदन किया है। साथ ही, आवेदन करने वाली कंपनियों में श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर व जीआर इंफ्रा के नाम भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने दिए थे समस्याएं सुलझाने के आदेश
पीपीपी मॉडल के तहत प्रदेश में विकसित की जाने वाली सड़कों में निवेश के लिए निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों को लाना पीडब्लूडी विभाग के लिए बड़ी चुनौती रहा है। इसकी वजह यह है कि पर्याप्त रिटर्न मिलने की संभावना न दिखाई देने के चलते भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की परियोजनाओं में भी बड़ी कंपनियां बोली नहीं लगा रही हैं।
साथ ही, बैंकों की तरफ से भी सड़क क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों को लोन मिलने में समस्या आ रही है। निजी कंपनियों की इन्हीं समस्याओं व अन्य चिंताओं का समाधान करने के लिए राजस्थान पीडब्लूडी ने पिछले दिनों दिल्ली में एक इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया था।
इस समिट में कुल मिलाकर 71 कंपनियों ने भाग लिया था। समिट में खुद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शिरकत की थी और कंपनियों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान करने के लिए मौके पर ही विभाग के अधिकारियों को आदेश भी दिए थे।