जयपुर। नियम कायदे ताक पर रखकर एक लाख शिक्षकों का सेटअप बदलने के मामले में सरकार शिक्षक संगठनों के विरोध के आगे झुक गई है। अब एकीकरण के दौरान मर्ज हुए स्कूलों के शिक्षकों का सेटअप नहीं बदलेगा।
जानकारी के अनुसार मर्ज हुए प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में लगे पंचायतीराज विभाग के शिक्षक अपने पैतृक विभाग के अधीन ही रहेंगे। ऐसे शिक्षकों पर आदर्श माध्यमिक या उच्च माध्यमिक स्कूल के संस्था प्रधान का केवल शैक्षणिक नियंत्रण रहेगा। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।
शिक्षा विभाग के शासन उप सचिव नसीरुद्दीन कुरैशी की ओर से जारी इस आदेश के बाद करीब एक लाख शिक्षकों को राहत मिलेगी। स्कूलों के एकीकरण में जिन शिक्षकों को पंचायतीराज से शिक्षा विभाग में भेजा गया, उन शिक्षकों की न तो वरिष्ठता का ध्यान रखा गया और न ही विकल्प मांगे गए।
नियम कायदे ताक पर रखकर इस प्रकार सेटअप बदलने का शिक्षकों ने काफी विरोध किया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने पूर्व के आदेश में संशोधन किया है। आदेश में राजस्थान शिक्षा अधीनस्थ सेवा नियम 1971 के नियम 6डी का हवाला देते हुए कहा या है कि पद भरने में समय लगेगा। तब तक समन्वित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत पंचायतीराज के शिक्षक आदर्श माध्यमिक या उच्च माध्यमिक स्कूल में शिक्षण कार्य करते रहेंगे।
इनका प्रशासनिक नियंत्रण पंचायतीराज विभाग का ही होगा व पैतृक विभाग पूर्ववत रहेगा। इनकी वेतन व्यवस्था भी पूर्ववत रहेगी। आदर्श स्कूल के संस्था प्रधान का केवल शैक्षणिक नियंत्रण होगा।
17 हजार स्कूलों के शिक्षकों का बदल दिया था सेटअप :
14 अगस्त को जारी एकीकरण के आदेश में 17129 स्कूलों को 13536 स्कूलों में मर्ज किया गया है। इसमें 17106 स्कूल प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल थे। जो माध्यमिक या उच्च माध्यमिक में मर्ज हुए थे। इन स्कूलों में करीब एक लाख शिक्षक पंचायतीराज के थे। जिनका सेटअप बदल कर शिक्षा विभाग कर दिया गया था।
मर्ज स्कूलों की फेक्ट फाइल :
मर्ज किए गए 17129 स्कूलों में 14967 प्राथमिक स्कूल, 2939 उच्च प्राथमिक स्कूल और 23 माध्यमिक स्कूल हैं। इन स्कूलों को 3856 उच्च माध्यमिक स्कूल, 7074 माध्यमिक स्कूल, 1709 उच्च प्राथमिक स्कूल और 897 प्राथमिक स्कूल यानी कुल 13536 स्कूलों में मर्ज किया गया है।