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एकीकरण के नए निर्देशों का विरोध शुरू, आदेश निरस्त करने की मांग

7 वर्ष पहले
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जयपुर। शिक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी किए गए एकीकरण के नए निर्देशों का शिक्षक संगठनों ने विरोध शुरू किया है। शिक्षकों का कहना है कि नए निर्देशों में आरटीई के नियमों की अनदेखी की गई है। इसमें बच्चों की न्यूनतम संख्या तय की गई है जिसका आरटीई में कोई उल्लेख नहीं है।

राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के प्रवक्ता प्रकाश मिश्रा, अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल का कहना है कि आरटीई में बच्चों को हर किमी पर स्कूल उपलब्ध कराने की बात कही गई है, लेकिन नए निर्देशों में बच्चों की संख्या 60 तय कर दी गई जो गलत है। वे एकीकरण के आदेशों का विरोध करते हैं। प्रवक्ता प्रकाश मिश्रा ने तो चेतावनी दी कि जब तक एकीकरण के आदेश निरस्त नहीं किए जाते उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इतना नामांकन तो मर्ज नहीं होगा स्कूल:
सामान्य इलाकों में स्थित प्राथमिक स्कूल में 60, अनुसूचित जाति की बस्तियों में स्थित प्राथमिक स्कूल में 30 और उच्च प्राथमिक स्कूल (कक्षा एक से आठ) तक में 150 के नामांकन को पर्याप्त माना है।
उच्च प्राथमिक स्कूल (कक्षा पांच से आठ) में बालिका स्कूल में 60 व सहपाठी स्कूल में 100 के नामांकन को पर्याप्त माना गया है। माध्यमिक स्कूल में (कक्षा छह से 10) 200 के नामांकन को पर्याप्त माना गया है। संगठनों ने बच्चों की इस संख्या को आरटीई के नियमों के विपरीत बताया है।