प्रतिकात्मक तस्वीर।
जयपुर। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के भवन व जमीनों से अब जल्द ही अतिक्रमण हटाया जाएगा। इस संदर्भ में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से मिले निर्देशों के बाद जिला शिक्षा अधिकारियों ने अपनी अधीन सभी प्रिंसिपल व हेडमास्टरों को हाल ही में एक आदेश जारी कर दिया है। इसके तहत स्कूलों के भवन व जमीनों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं।
आदेश में कहा गया है कि किसी सरकारी स्कूल को भूमि सरकार ने दी हो या चाहे दानदाता ने। आबंटन पत्र, भूमि अभिलेख या दानपत्र के अभाव में कई बार अतिक्रमणकारी उस पर कब्जा कर लेते हैं।
दस्तावेजों के अभाव में शिक्षा विभाग कुछ नहीं कर पाता और अपना पक्ष मजबूती से नहीं रख पाता। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूल को आबंटित भूमि, भवन, दानदाताओं द्वारा दी गई भूमि-भवन के दानपत्र, अभिलेख के अभाव में तत्काल स्थानीय प्रशासन, तहसील कार्यालय से पैमाइश कराई जाए और आबंटन पत्र व भूमि अभिलेख प्राप्त कर एक पत्रावली स्कूल में सुरक्षित रखी जाए।
यदि स्कूल भवन या भूमि पर कहीं अतिक्रमण पाया जाए तो तत्काल स्थानीय प्रशासन, पुलिस, ग्रामपंचायत, निकाय से संपर्क स्थापित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। राजस्थान शिक्षक संघ के प्रांतीय संयोजक विजय उपाध्याय ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे शिक्षा के हित में बताया है।