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पहले कांग्रेस...और अब भाजपा के निशाने पर थे आईपीएस पंकज चौधरी

पहले कांग्रेस...और अब भाजपा के निशाने पर थे आईपीएस पंकज चौधरी

Dainik Bhaskar

Sep 22, 2014, 11:42 AM IST
पहले कांग्रेस...और अब भाजपा के निशाने पर थे आईपीएस पंकज चौधरी
फोटो: आईपीएस पंकज चौधरी का फाइल फोटो।
जयपुर। आईपीएस पंकज चौधरी एक बार फिर विवादों में घिर गए। उन्हें सरकार ने एपीओ कर दिया। था, लेकिन हालात देखिए जैसलमेर से जब पहली बार उन्हें हटाया गया तब विवाद की जड़ में कांग्रेस के नेता रहे जबकि, बूंदी से उनको हटाने का कारण बनी सत्तारूढ़ भाजपा। यानी पंकज दो साल में दोनों पार्टियों के निशाने पर आ गए। यह अलग बात है कि दोनों बार ही हटाने के जो तर्क दिए वह गले उतरने वाले नहीं थे।

जैसलमेर में कांग्रेस सरकार से भिड़े:
भारतीय प्रशासनिक सेवा के युवा अधिकारी पंकज कुमार चौधरी ने विधानसभा चुनाव से एनवक्त पहले वह सब कर दिखाया था, जो कोई साहसी अफसर ही दिखा सकता था। जैसलमेर के एसपी रहते उन्होंने गाजी फकीर की हिस्ट्री शीट खोल डाली। गाजी फकीर यानी पोकरण से कांग्रेस के तत्कालीन विधायक सालेह मोहम्मद और जैसलमेर जिला परिषद के प्रमुख अब्दुला फकीर के पिता। चुनाव से एनवक्त पहले कांग्रेस और सरकार से सीधे सीधे टकराव। सरकार ने दो दिन बाद ही यानी 3 अगस्त, 2013 को पंकज का तबादला कर दिया और उन्हें पीटीएस किशनगढ़ भेज दिया। पुलिस जवानों को ट्रेनिंग देने। हालांकि, सरकार ने इसे रुटीन तबादला बताया था, लेकिन जानते सब थे कि तबादला क्यों किया गया है।

अब भाजपा की नाराजगी से पंकज को हटाया:
आईपीएस पंकज को बंदी के एसपी पद से उस समय एपीओ किया गया जब २० सितंबर को वहां से कर्फ्यू पूरी तरह से हटा लिया गया था। पंकज से पहले भाजपा नेता थाना प्रभारी को हटाने की मांग पर अड़े थे। शनिवार को भाजपा की मांग में अचानक बदलाव आया। कोटा सांसद ओम बिड़ला व बूंदी विधायक अशोक डोगरा शनिवार को जेल में बंद आरोपियों से मिले। स्थानीय नेताओं से बातचीत की। नगरपालिका बोर्ड अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित पार्षदों ने इस्तीफे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी को भेज दिए। सरकार पर दबाव बना। सरकार ने एसपी को चलता किया। सारा फैसला अचानक हुआ।
10 दिन बाद डीजी बोले : एसपी लापरवाह रहे:
राज्य सरकार ने बूंदी जिले के खानपुरा गांव थाना नैनवां में पिछले दिनों हुई तोड़-फोड़, आगजनी एवं कानून व्यवस्था बिगड़ने की घटना में पुलिस अधीक्षक, बूंदी पंकज कुमार चौधरी की प्रथम दृष्टया कर्तव्यों के प्रति लापरवाही सामने आने पर इसे गंभीरता से लेते हुए उन्हें अन्य आदेशों तक पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा है। साथ ही महानिदेशक पुलिस ने चौधरी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। चौधरी के स्थान पर तेजराज सिंह खरोडिय़ा को बूंदी का एसपी बनाया गया है।
महानिदेशक पुलिस ओमेन्द्र भारद्वाज ने यह जानकारी देते हुए बताया कि चौधरी ने नैनवां में 12 सितम्बर को हुई घटना की सूचना मिलने पर आवश्यक कार्रवाई नहीं करने एवं स्वयं द्वारा कानून व्यवस्था नहीं बनाए जाने के कारण यहां स्थिति संवेदनशील हुई। उन्होंने बताया कि इन कारणों से राज्य सरकार ने अपने नीतिगत निर्णय में अति संवेदनशीलता दिखाते हुए चौधरी को पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा है। इस मामले में चौधरी की शिथिलता, घटना के प्रति सावचेत न होने, त्वरित कार्यवाही नहीं करने एवं कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।

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