जयपुर। चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने स्क्रब टाइफस के बढ़ते केसेज को देखते हुए विभाग से जुड़े अधिकारियों को नियंत्रण करने के लिए पहले से अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने आशा सहयोगिनी, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रशिक्षण प्रदान कर आमजन को बीमारी के बारें में जानकारी देने के लिए कहा है।
बीमारी से प्रभावित जयपुर, अलवर, दौसा, करौली, भरतपुर, कोटा, झालावाड़, सीकर आदि जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा है। चिकित्सा विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य के विभिन्न जिलों में 150 से अधिक पॉजिटिव केसेज मिल चुके हैं लेकिन हैरानी की बात है कि कार्ड टेस्ट से स्क्रब टाइफस पॉजिटिव को चिकित्सा विभाग नहीं मानता।
संक्रामक बीमारी नहीं: डॉ.बी.आर.मीणा
चिकित्सा विभाग के निदेशक (जन स्वास्थ्य) डॉ.बी. आर.मीणा ने बताया कि चिगर्स नामक घुन (पिस्सू) के काटने से स्क्रब टाइफस बीमारी होती है। यह संक्रामक रोग नहीं है एवं इलाज के लिए डॉक्सीसायक्लीन नामक दवा कारगर है। बीमारी के लक्षण पाए जाने पर घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि चिकित्सकीय सलाह लेकर समय पर इलाज लें।
लक्षण:
मांसपेशियों में दर्द, शरीर के किसी भाग में त्वचा पर लाल दाने उभरना, पिस्सू काटने वाली जगह पर फफोला बनकर गांठ बनना, ठंड लगकर बुखार आना, तेज सिरदर्द एवं बुखार के साथ पसीना आना।