जयपुर। इस बार प्रदेश में मानसून की बारिश दो से तीन फीसदी अधिक दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक तीन फीसदी अधिक बारिश एक जून से अब तक हुई है, जबकि जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2.05 फीसदी अधिक बारिश हुई है। बारिश का यह आंकड़ा इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि बीते 10 दिनों से प्रदेश में अच्छी बारिश दर्ज नहीं की जा रही है। कुछ दिनों से तो बारिश ही दर्ज नहीं हो पाई है।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश से मानसून के लौटने की जल्द घोषणा हो सकती है। बारिश कराने लायक परिस्थितियां न होने के कारण हाल फिलहाल में मानसून की बारिश दक्षिण भारत के रास्ते से मध्य भारत तक आकर सिमट गई। उसकी लहर प्रदेश की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकी। उसी समय से ऐसी आशंका जताई जा रही थी कि प्रदेश से मानसून के लौटने की घोषणा हो जाएगी।
आंकड़ों में अंतर क्यों
मौसम विभाग की तुलना में जल संसाधन विभाग के वर्षामापी यंत्र ज्यादा हैं। छोटी-छोटी तहसीलों में भी जल संसाधन विभाग के यंत्र हैं। इससे जल संसाधन विभाग अब तक 518.3 मिमी की बारिश को सामान्य मानता है और उसके मुताबिक अब तक 529 मिमी बारिश हुई है। वहीं मौसम विभाग 409.6 मिमी की बारिश को सामान्य मानता है और अब तक 420.3 मिमी की बारिश हुई है।
क्या अब नहीं होगी बारिश
मानसून के लौटने की घोषणा हो जाने पर यह मतलब नहीं होगा कि प्रदेश में बारिश नहीं होगी। इसका मतलब सिर्फ यही होगा कि अब मानसून की बारिश नहीं होगी। अक्टूबर-नवंबर में अगर बारिश होगी, तो वह अरब सागर या बंगाल की खाड़ी में पैदा होने वाले शक्तिशाली चक्रवात के कारण से होगी। दिसंबर में भूमध्यसागरीय विक्षोभ से बारिश होगी।