जयपुर। प्रदेश में अगले पांच सालों के दौरान पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर 20,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का जाल बिछाने की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की महत्वाकांक्षी योजना को अंजाम देने जा रहा राजस्थान सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) कार्यों की गुणवत्ता पर भी फोकस बढ़ाने जा रहा है। इसके लिए, विभाग में चीफ इंजीनियर (क्वालिटी कंट्रोल) का नया पद सृजित किया गया है।
पीडब्लूडी के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चीफ इंजीनियर (क्वालिटी कंट्रोल) के नवसृजित पद पर योगेश गुप्ता की नियुक्ति की गई है। गुप्ता अभी तक पदस्थापन के आदेशों की प्रतीक्षा में चल रहे थे।
राजस्थान पीडब्लूडी के संयुक्त सचिव सांवर मल वर्मा ने इस पद पर गुप्ता की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, पीपीपी के तहत बनाई जाने वाली सड़कों के साथ ही पीडब्लूडी ग्रामीण इलाकों की सड़कों के रख-रखाव की आउटपुट एंड परफॉर्मेंस बेस्ड रोड कॉन्ट्रैक्ट्स (ओपीआरसी) नामक योजना को भी अंजाम देने जा रहा है।
इन दोनों ही योजनाओं में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सीधे तौर पर दिलचस्पी ले रही हैं। मुख्यमंत्री की इस विशेष दिलचस्पी को ध्यान में रखते हुए ही कार्यों की गुणवत्ता में ऊंचे मानदंड अपनाने की पहल की जा रही है।
गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और कार्यों में किसी तरह की कमी की संभावना को न्यूनतम स्तर पर रखने के लिए ही क्वालिटी कंट्रोल के लिए चीफ इंजीनियर के नए पद का सृजन किया गया है।