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पॉलिटिक्स में नहीं जाना : किरण बेदी

7 वर्ष पहले
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(फोटो: जयुपर में फिक्की फ्लो जयपुर चैप्टर के फ्लो फेस्टिवल में किरण बेदी ने शिरकत की। उन्‍होंने इस अवसर पर अपने एक्‍सपीरिएंस शेयर किए।)
जयपुर। 'कैदियों के साथ काम करना बहुत चैलेंजिंग रहा लेकिन मैने पॉजिटिव एटीट्यूड के साथ इस चैलेंज को स्वीकार किया।' यह कहना है पूर्व आईपीएस किरण बेदी का। फिक्की फ्लो जयपुर चैप्टर के फ्लो फेस्टिवल के दूसरे दिन किरण बेदी ने शिरकत की। शनिवार को एक कार्यक्रम में उन्होंने फ्लो मैंबर्स को संबोधित किया व पुलिस सेवा के अपने अनुभव शेयर किए।
आज के दौर में महिलाएं किस तरह से आगे बढ़ रही हैं इस पर किरण ने कहा कि अब महिलाएं बहुत पॉवरफुल हो चुकी हैं। हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के साथ साथ वे क्रिएटिव वर्क, गुड कम्यूनिकेशन, टीम वर्क को अच्छे से करना जानती है। अब वक्त बहुत बदल गया है ऐसे में पुरूषों को अब अपने दायित्व बदलने चाहिए। उन्हें महिलाओं को समझने के साथ साथ उनके काम को कॉम्लीमेंट करना चाहिए।

तिहाड़ में कैदियों को पढ़ाया:
तिहाड़ जेल में कैदियों के साथ काम करना बहुत चैलेंजिंग रहा लेकिन मैने पॉजिटिव एटीट्यूड के साथ इस चैलेंज को स्वीकार किया। 10 हजार कैदियों को संभालना शुरूआत में मुश्किल रहा लेकिन फिर मैंने उन्हें अपने तरीके से हैंडल किया।
मैंने उन सभी कैदियों को सबसे पहले समय की बर्बादी करने से रोका। उसके बाद मदर की तरह उनका टाइम टेबल सेट किया। सुबह योगा फिर ब्रेक फास्ट और नौ से 11 बजे तक पढ़ाई। दिनभर उन्हें विभिन्न गतिविधियों में व्यस्त रखा ताकि उनके दिमाग की गंदगी साफ हो सके और वे अच्छे ह्यूमन बन सके।

गाडिय़ां उठाने पर बनी क्रेन बेदी:
दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी करने का मौका मिला। तब दिल्ली मेरे लिए बिल्कुल अनजान शहर था। ट्रैफिक के रूल्स रेग्युलेशन, रास्ते कुछ भी नहीं पता था। शहर को समझने के लिए मैं सुबह आठ बजे सड़कों पर निकल पड़ती थी। वहां मैंने देखा कि ग़ाज़ियाबाद बॉर्डर पर बहुत से ट्रक खड़े रहते थे। पास में ढाबा था, तो ट्रक लाइन से खड़े रहते थे ऐसे में रास्ता जाम होता था। मैंने सोचा कि क्यूं ना क्रेन से इन ट्रकों व सड़क के किनारों पर लगी गाड़ियों को उठवाया जाए। मैंने प्रशासन से दो क्रेन मंगवाई और इस अभियान में लग गई । ऐसे में दिल्ली के लोग मुझ से परेशान हो गए और उन्होंने मेरा नाम क्रेन बेदी रख दिया।
पॉलिटिक्स में रूचि नहीं:
फ्लो मेम्बर ने जब उनसे पूछा कि भविष्य में सीएम बनना चाहेंगी तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि नहीं मैं सीएम नहीं बनना चाहती। मुझे पॉलिटिक्स ज्वाइन करने में कोई रूचि नहीं है।
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photos by Rajkumar Sharma.