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रेजीडेंट की हडताल जारी, प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज प्रतिनिधि पहुंचे जयपुर

7 वर्ष पहले
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(फोटो: एसएमएस में शुक्रवार को इलाज के लिए परेशान होते मरीज।)
जयपुर। रेजीडेंट की हडताल शुक्रवार को भी जारी रही। एसएमएस सहित जोधपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और बीकानेर मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधि शुक्रवार को ज्वाईंट सेक्रेटरी से मिले। वार्ता किसी स्तर पर नहीं पहुंची और रेजीडेंट ने हडताल जारी रखने का निर्णय किया।
उल्‍लेखनीय है कि कोटा में रेजीडेंट से मारपीट के विरोध में जयपुर सहित जोधपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर और उदयपुर मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट हडताल पर चले गए हैं। उधर, कोटा में रेजीडेंट्स ने मरीजों के लिए ब्‍लड डोनेट किया।
वहीं दूसरी ओर हडताल के कारण शुक्रवार को भी मरीज खासे परेशान रहे। अस्पताल में सामान्य दिनों की अपेक्षा कम मरीज भर्ती हुए। जार्ड अध्यक्ष डॉ. राजवेन्द्र ने बताया कि हम जानते हैं कि हडताल से मरीज परेशान हो रहे हैं लेकिन जब सरकार और चिकित्सा विभाग रेजीडेंट की सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं हैं और वे वार्ता नहीं करना चाहते तो हम भी कुछ नहीं कर सकते। हम वार्ता कर कोशिश कर चुके हैं लेकिन सरकार हमें बाध्य कर रही है। हमारे लिए बनाई जाने वाली प्रोटेक्शन फोर्स का कोई अस्तित्व नजर नहीं आ रहा। वहीं सरकार अब भी केवल आश्वासन देना चाहती है। सभी मेडिकल कॉलेज से आए प्रतिनिधियों से भी मंत्री या अन्य कोई नहीं मिला।
हालात बिगड़े
एसएमएस अस्पताल प्रशासन की ओर से अतिरिक्त डॉक्टरों की व्यवस्था की गई लेकिन मरीजों की संख्या काफी अधिक होने से हालात बिगडे रहे। एसएमएस अस्पताल के अलावा जेके लोन, महिला, जनाना अस्पताल, गणगौरी अस्पताल में मरीजों को उपचार के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
जनाना और महिला अस्पताल में सीनियर डॉक्टर डिलीवरी कराने में व्यस्त रहीं और ओपीडी में मरीजों को दो से तीन घंटे का इंतजार करना पड़ा।
40 प्रतिशत कम हुए ऑप्रेशन
एसएमएस अस्पताल में सामान्य दिनों की तुलना में 40 प्रतिशत कम ऑपरेशन हुए हैं। जानकारी के अनुसार अस्पताल में रोजाना 450 से अधिक ऑपरेशन होते हैं लेकिन शुक्रवार को केवल 190 अॉपरेशन हुए। इनमें रुटीन केस बहुत ही कम रहे।
उदयपुर
हड़ताल का सीधा खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को हुई जिनके ऑपरेशन व सोनोग्राफी, एंडोस्कोपी जैसी जांचें नहीं हो पाई। बीमारी से परेशान मरीज जैसे तैसे जांच कराने आए, तब उन्हें जवाब मिला कि रेजिडेंट हड़ताल पर हैं जांच नहीं होगी। अगली बार जांच कब होगी यह तारीख भी नहीं दी गई।

सीनियर्स डटे ड्यूटी पर: सीनियर डॉक्टर जहां एक और आउटडोर में दोपहर तक मुश्तैदी से ड्यूटी पर रहे। वहीं ड्यूटी के साथ वार्डों व आईसीयू में भी दौरा करते रहे।
नहीं हो पाए ऑपरेशन्स, सीनियर्स ने संभाला मोर्चा:
ज्ञात हो कि जनाना अस्पताल में 42, बाल चिकित्सालय में 19, मेडिसिन युनिट में 50, सर्जरी विभाग में 46, ईएनटी में 10, टीबी में 15 रेजिडेंट्स हैं। इनके हड़ताल पर चले जाने से पहले से प्लान किए ऑपरेशनों को टालना पड़ा। इसके अतिरिक्त यूनिटों में होने वाली सामान्य जांचें जैसे एंडोस्कोपी आदि भी नहीं हो पाई। कारण डॉक्टर्स की ड्यूटी आउटडोर में लगाई गई। इसके अलावा वार्डों में व्यवस्थाएं संभालने के लिए असिस्टेंट प्रोफेसरों ने मोर्चा संभाला।
कोटा
कोटा में रेजीडेंट डाक्‍टर्स ने मरीजों के लिए ब्‍लड डोनेट किया। रेजीडेंट्स का कहना है कि उनका उद्देश्‍य मरीजों की सेवा करना है। उधर कलाल समाज ने जिला कलेक्‍टर को हड़ताल को लेकर ज्ञापन सौंपा। समाज ने ज्ञापन में हड़ताल को गैर कानूनी बताया तथा इसमें कार्रवाई की मांग की।
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फोटो: महेंद्र शर्मा।