जयपुर। प्रदेश में वक्फ बोर्ड की सभी चिन्हित 18 हजार 950 संपत्तियों का भौतिक सत्यापन किया जायेगा। प्रदेश के सभी 7 हजार चिन्हित कब्रिस्तानों में आगामी 3 माह में बिजली व पानी के कनेक्शन करवाएं जायेंगे। वक्फ की 10 मुख्य दरगाहों को चिन्हित कर धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए उनका सौन्दर्यीकरण करने के लिए मास्टर प्लान बनाए जायेंगे।
वक्फ मंत्री राजेन्द्र राठौड़ की अध्यक्षता में सोमवार को राजस्थान वक्फ बोर्ड कार्यालय में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में कोटा की अधरशिला, जयपुर की मोती डूंगरी व चूरू की नूर नबी दरगाह को धार्मिक पर्यटन स्थल बनाने की योजना में शामिल किया।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वक्फ बोर्ड की कुल 18 हजार 950 परिसम्पत्तियां हैं। इनमें 5 हजार 668 मस्जिदें, 7 हजार 3 कब्रिस्तान, 1 हजार 10 दरगाह एवं 108 मुसाफिर खानें शामिल हैं।
इन दरगाहों का होगा सौंदर्यीकरण, बनेगा विकास का मास्टर प्लान:
उन्होंने बोर्ड के सदस्यों से विचार कर दरगाह मिसकीन शाह, दरगाह मोती डूंगरी, दरगाह अमानीशाह, दरगाह कप्तान फैज मोहम्मद घाटगेट, दरगाह सूफी हमीदुद्दीन नागौर, दरगाह हाजिब शक्कर बार बाबा नरहड़, दरगाह नूर नबी चूरू, दरगाह अधरशिला कोटा, दरगाह दीवाने शाह कपासन, दरगाह झुंझुनूं व दरगाह गागरोन झालावाड़ के लिए विशेषज्ञों द्वारा सौंदर्यीकरण व विकास का मास्टर प्लान बनाने के निर्देश दिये।
बनेगी चारदिवारी, लगेंगी हाई मास्ट लाइट:
कब्रिस्तानों की चार दिवारी निर्माण के लिए स्वीकृत 3 करोड़ रुपए की राशि के समस्त निर्माण कार्य यथाशीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कब्रिस्तानों के अतिक्रमणों को हटाने एवं शहरों के कब्रिस्तानों की चार दिवारी बनाने के प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिये। कब्रिस्तानों में हाई-मास्ट लाईट लगाने के लिए 1 करोड़ 35 लाख रुपये की स्वीकृत राशि के कार्य यथाशीघ्र पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने वक्फ संपत्तियों की वीडियो-रिकॉर्डिंग कराने एवं जी.आई.एस. मेपिंग कराने के भी निर्देश दिये।