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7 वर्ष पहले
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(फोटो: मकान मालकिन की गोद में अपने कमरे का दरवाजा खोलने का जतन करता रणवीर।)
जोधपुर। यह है एक साल का मासूम रणवीर। इसी कमरे में उसकी मां नैना देवी 24 नवंबर को गंभीर हालत में झुलसी थी और 4 दिसंबर को चल बसी। ननिहाल वालों के आरोप पर रणवीर के पिता राजेंद्र सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अब रणवीर अकेला हो गया। मकान मालिक उसे संभाल रहे हैं। वह रोज सुबह चार बजे उठ जाता है और घिसटते हुए इसी कमरे के ताला लगे दरवाजे को खटखटाकर पुकारने लगता है - "मां.... राजू...' लेकिन उसकी कोई जवाब नहीं आता। निराश रणवीर के आंसू निकलते हैं और मकानमालिक दिग्विजय सिंह की बिटिया सूरज आंसू पोंछते हुए अपने सीने से लगा देती है। पिछले चार-पांच दिनों से दिन में कई बार यही सिलसिला चल रहा है।
रणवीर अपनी मां नैना देवी उर्फ संगीता और पिता राजेंद्र सिंह के साथ रातानाडा लड्ढा कॉलोनी में दिग्विजय सिंह के मकान की पहली मंजिल पर किराए से रह रहा था। 24 नवंबर को नैना देवी सुबह चाय बना रही थी कि स्टोव फटने से गंभीर हालत में झुलस गई। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया और इलाज शुरू हुआ लेकिन 4 दिसंबर को उसकी मौत हाे गई। राजसमंद में रहने वाले नैना देवी के मां-बाप अपने रिश्तेदारों के साथ बेटी का शव लेने जोधपुर पहुंचे। वे नैना देवी के शव को लेकर राजसमंद लौट गए लेकिन रणवीर की सुध तक नहीं ली।
हम क्यों करें परवरिश: नाना
डीबीस्टार ने जब नैना देवी के पिता प्रताप सिंह रावत से बात की और रणवीर को नहीं ले जाने के बारे में पूछा तो वे बोले कि मैं कैसे ले जाऊं ? राजेंद्र सिंह उर्फ कंवरपाल और नैना रिश्ते में गोत्री भाई-बहन ही थे। वह दो साल पहले नैना को बहला-फुसलाकर भगा कर यहां लाया था। प्रतापसिंह ने राजेंद्र पर ही अपनी बेटी को एसिड अन्य वस्तु से जलाने का आरोप लगाया तो पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। डीबी स्टार ने जब उनसे रणवीर की परवरिश के बारे में पूछा तो कोई जवाब नहीं दिया।
हर समय रहता है डर: दिग्विजय
मकानमालिक दिग्विजय सिंह का कहना है कि फिलहाल तो रणवीर उनके साथ है लेकिन मासूम रणवीर के आंसू देखे नहीं जाते। नैना और राजेंद्र सवा साल से हमारे यहीं किराए पर रह रहे थे। रणवीर का जन्म भी यहीं हुआ। इसी कारण उससे हमारा लगाव है। अब परिस्थिति ऐसी हो गई कि मासूम कहां जाए? नैना भी अपने पति को राजू ही कहती थी इसी कारण रणवीर भी राजू.. राजू.. ही पुकारता है। यही सोचकर देखभाल कर रहे हैं कभी तो घरवाले इसे ले जाएंगे। पुलिस वालों ने कमरे पर ताला लगा दिया है लेकिन रणवीर बार-बार वहीं जाता है। हमारी भी रुलाई निकल जाती है। पुलिस ने बच्चे का ध्यान रखने का कहा है लेकिन हर समय डर रहता है कि कहीं मामले में हम फंस जाएं।
मकान मालिक ने अपनाया:
मकान मालिक दिग्विजय सिंह का पूरा परिवार रणवीर की परवरिश में लगा है। दिग्विजय की बेटी सूरज उसकी खास देखभाल कर रही है।
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