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राज्य के जनजातीय क्षेत्र का दायरा बढ़ाया प्रदेश के 1 लाख प्रोबेशनर्स के स्थाई वेतन में 20 फीसदी इजाफा

7 वर्ष पहले
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(सीएम वसुंधरा राजे का फाइल फोटो।)
जयपुर। राज्य के जनजातीय क्षेत्र (टीएसपी) का दायरा बढ़ाया गया है। प्रोबेशनरी अधिकारी-कर्मचारियों के स्थाई वेतन में 20 फीसदी की बढ़ोतरी करने का फैसला किया गया है। कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को इस तरह के कई अहम फैसले किए गए।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। सरकार के एक साल पूरा होने पर मनाए जाने वाले जश्न से पहले ये दोनों फैसले बहुत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
टीएसपी एरिया की जनसंख्या बढ़कर 64.71 लाख

कैबिनेट की बैठक में टीएसपी एरिया का दायरा बढ़ाने के फैसले से अब इस क्षेत्र की जनसंख्या 45,55,833 से बढ़कर 64,70,672 हो जाएगी। साल 2011 की जनगणना के अनुसार संविधान की अनुसूची पांच के तहत अनुसूचित क्षेत्र की जनसंख्या व क्षेत्र को बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
मौजूदा समय में 534 गांव हैं। जिनमें 6 नगर पालिकाएं भी हैं। अब नए प्रस्ताव के अनुसार 9 नगर पालिकाएं और 5706 गावं इस क्षेत्र में बढ़ जाएंगे। लगभग 3.70 लाख आबादी को इसका लाभ मिलेगा। तीन जिले डूंगरपुर, बांसवाड़ा व प्रतापगढ़ पूर्ण रूप से इस क्षेत्र में शामिल होंगे।
साथ ही उदयपुर व सिरोही की कुछ तहसीलें और चित्तौडगढ, राजसमंद व पाली के कुछ क्षेत्र भी इस जनजातीय क्षेत्र में शामिल हो जाएंगे। कुल मिलाकर करीब 70.41 प्रतिशत आबादी जनजातीय क्षेत्र की होगी।
इस प्रकार बढ़ेगा क्षेत्र

उदयपुर: गिर्वा के 95 गांव, बड़गांव के 35 गांव, गोगुंदा के 186 गांव, मावली के 4, भींडर के 23 गांव शामिल
राजसमंद: कुंभलगढ़ के 24 गांव, नाथद्वारा के 15 गांव
चित्तौडगढ: बड़ी सादड़ी में 51 गांव
प्रतापगढ़: छोटी सादड़ी के 155 गांव
पाली: बाली के 33 गांव
सिरोही में आबूरोड़ की दो नगर पालिकाएं, पिंडवाड़ा के 51 गांव
छोटी सादड़ी नगर पालिका पूर्ण रूप से
क्या फायदा : केंद्र सरकार से क्षेत्र के लिए अधिक राशि मिलेगी। सरकारी नौकरी में जनजातीय क्षेत्र के आरक्षण का लाभ मिलेगा। रोजगार के अलावा आधारभूत सुविधाएं बढ़ेंगी। विकास के नए आयाम पैदा होंगे।

1 लाख प्रोबेशनर्स को तोहफा

राज्य के करीब एक लाख प्रोबेशनर्स ट्रेनीज का स्थाई वेतन 20 फीसदी बढ़ाने का फैसला किया गया है। यह बढ़ा वेतन एक सितंबर 2014 से लागू होगा। इस फैसले से राज्य पर 103 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। अब राज्य के सभी स्केल के प्रोबेशनर्स का न्यूनतम वेतन 6060 से 54,560 रुपए तक हो जाएगा।
अजमेर कॉलेज का नाम बदला

कैबिनेट के एक अन्य फैसले के अनुसार अजमेर के राजकीय महाविद्यालय का नाम अब सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय होगा। अजमेर की पृथ्वीराज चौहान से संबद्धता को देखते हुए यह फैसला किया गया है।

अब तीन एजेंसियों की जगह अब कार्पोरेशन
कैबिनेट ने नगरीय क्षेत्र में पेयजल, सीवरेज और आधारभूत सुविधाओं से संबंधित कार्य के लिए अब तीन एजेंसियों आरयूआईडीएफसीओ, आरएवीआईएल और आरयूआईडीपी को खत्म कर दिया गया है। अब नए राजस्थान अरबन ड्रिंकिंग वाटर सीवरेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन का गठन कर तीनों एजेंसियों को इसमें मर्ज कर दिया गया है। इनसे संबंधित काम अब यही कारपोरेशन करेगा। इसका नोडल विभाग स्वायत्त शासन विभाग होगा।
अन्य फैसले

राजस्थान आबकारी प्रयोगशाला राज्य एवं राज्य अधीनस्थ सेवा नियम-2014 बनाए गए हैं। इससे संबंधित विभाग में 1977 से जो लोग काम कर रहे हैं, उनके संबंध में इस नियम के अंतर्गत प्रयोगशाला परिचारक, प्रयोगशाला सहायक, सहायक रासायनिक परीक्षक व रासायनिक परीक्षक नाम से चार पद सृजित किए गए हैं।
- राजस्थान लोकसेवा आयोग में अनुसंधान सहायक के पद को अपग्रेड कर मूल्यांकन अधिकारी और अतिरिक्त पुस्तकालयाध्यक्ष के पद को वरिष्ठ पुस्तकालयाध्यक्ष के रूप में अपग्रेड किया। इसमें कैटलॉग के रूप में जो कर्मचारी काम कर रहे थे उन्हें सहायक लाइब्रेरियन बनाया गया है।