(फोटो: जोधपुर पोलो सत्र में मंगलवार को खेले गए मैच के दौरान गेंद लेकर आगे बढ़ते खिलाडी।)
जोधपुर। अनुभवी खिलाड़ी विशाल सिंह के शानदार खेल के दम पर गुरका ने एकतरफा मुकाबले में उम्मेद भवन की टीम को 7-2.5 गोल से पराजित कर उम्मेद भवन कप पोलो टूनार्मेंट जीत लिया। जोधपुर पोलो सत्र के इस दूसरे टूर्नामेंट का फाइनल मंगलवार को पूरी तरह से विशाल के नाम रहा।
उसने अकेले ही अपनी टीम के सभी सातों गोल दागे। आज ही खेले गए एक प्रदर्शन मैच में मालानी क्लब ने जसोल कोल्ट्स को 5-4 से पराजित कर ठाकुर सरदार सिंह जसोल स्मृति कप जीत लिया।
महाराजा गजसिंह पोलो मैदान पर खेले गए उम्मेद भवन कप के फाइनल में दर्शकों को जोरदार मुकाबला होने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी।
डेढ़ गोल की बढ़त के साथ मैदान में उतरी उम्मेद भवन की टीम विशाल सिंह को काबू में नहीं रख पाई और इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। खेल के पहले चक्कर में ही आक्रामक तेवर दिखाते हुए विशाल ने एक के बाद एक तीन गोल दाग अपनी टीम को बढ़त दिला धी। इस चक्कर के अंतिम क्षणों में उम्मेद भवन के लिए विश्वराज ने गोल इस अंतर को कुछ कम किया।
अगले चक्कर में विशाल ने दो और गोल कर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। तीसरे चक्कर में विशाल ने अपने एकल प्रदर्शन के दम पर दो गोल और दाग टीम की जीत निश्चित कर दी।
अंतिम चक्कर में विशाल ने कम से कम तीन अवसर गंवा दिए। अन्यथा गोल अंतर बहुत अधिक होता। उम्मेद भवन के खिलाडी पूरे मैच में एक गोल ही कर सके।
गिर गए डीजे
मैच के दूसरे चक्कर में उम्मेदभवन के दिग्विजयसिंह (डीजे) गेंद को लेकर आगे बढ़ने के प्रयास में घोड़े पर अपना संतुलन नहीं रख पाए और नीचे गिर गए। नीचे गिरते ही उन्होंने खड़ा होने का प्रयास किया, लेकिन वे वापस जमीन पर लेट गए।
इससे ऐसा लगा कि उन्हें गंभीर चोट लग गई है। एम्बुलेंस को बुलाया जाता उससे पूर्व डीजे खड़े हो गए और मैदान के बाहर भाग गए और अपने घोड़े को पकड़ कर फिर से मैदान में ले आए।
जसोल स्मृति कप
अली बन्धुओं के मैदान में होने से ठाकुर सरदार सिंह जसोल स्मृति कप के लिए खेला गया मुकाबला बहुत रोमांचक रहा। जसोल कोल्ट्स के लिए पांच हैंडी केप के बशीर अली तो मालानी की तरफ से चार हैंडी केप के हमजा अली मैदान में थे।
दोनों खिलाडिय़ों ने अपने नाम के अनुरूप शानदार खेल का प्रदर्शन किया। पहले चक्कर में दोनों भाइयों ने अपनी टीमों के लिए एक-एक गोल दागा। दूसरे चक्कर में जन्मजय सिंह ने गोल कर जसोल कोल्ट्स को बढ़त दिला दी। इसके अगले मिनट में बशीर ने एक और गोल दाग इस बढ़त को मजबूती प्रदान कर दी।
तीसरे चक्कर के शुरू में बशीर ने अकेले दम पर गोल दाग टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। इसके बाद योगेश्वर व उदित पाल ने लगातार दो गोल कर अन्तर फिर से कम कर दिया।
अंतिम चक्कर में मालानी के हमजा ने अपने भाई बशीर को नियंत्रण में रखा। इसका फायदा भी उन्हें जल्द ही मिला। जब योगेश्वर ने गोल दाग मालानी को बराबरी पर ला खड़ा किया। निर्धारित समय तक दोनों टीमें 4-4 से बराबरी पर रही।
इसके बाद सडन देथ के लिए पांचवां चक्कर खेला गया। इस चक्कर की शुरुआत में मिली फ्री हिट पर हमजा ने गोल कर अपनी टीम को खिताब दिला दिया।