(प्रतिकात्मक तस्वीर। )
जयपुर। रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के दफ्तर पर कलेक्टर का ताला लगने से निवेशकों में हड़कंप मच गया। इंश्योरेंस कंपनी से जुड़े लोगों ने कलेक्ट्रेट में भी संपर्क कर कंपनी पर हो रही कार्रवाई की जानकारी ली। दूसरी ओर कंपनी के अधिकारियों व वकीलों ने भी कुर्की कार्रवाई से राहत के लिए वसूली शाखा से बकाया राशि की जानकारी ले रहे है।
राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग ने किसान जीवन कल्याण योजना के एमओयू के तहत रिलायंस जनरल इंश्योरेंस पर 14 करोड़ रुपए बकाया राशि बताते हुए पीडीआर एक्ट में वसूली के लिए कलेक्टर (वसूली) को मामला भेजा था।
वसूली शाखा के प्रभारी एडीएम (पूर्व) हनुमान मल ढाका ने रिलायंस को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया था। सुनवाई के बावजूद बकाया जमा नहीं कराने पर रिलांयस के खिलाफ कुर्की वारंट जारी किया गया। बकाया राशि जमा नहीं कराने पर सोमवार को रिलांयस का बैंक खाता भी सीज कर दिया था।
इसके बाद कलेक्ट्रेट की वसूली शाखा के इंचार्ज व जिला रेवेन्यू लेखाधिकारी (डीआरए) नंदकिशोर गुप्ता के नेतृत्व में मंगलवार को रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के वैशालीनगर के नित्यानंद नगर में मेकर टावर स्थित दफ्तर सील कर कुर्क करने की कार्यवाही की गई। रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।