जयपुर। सोडाला क्षेत्र में दूषित पानी के बाद फैले पीलिया से हुई पहली मौत के बावजूद भी जलदाय मंत्री किरण माहेश्वरी व प्रमुख सचिव ओमप्रकाश सैनी जलदाय विभाग के एक्सईएन मुकेश गोयल व एईएन दीपक शर्मा को बचा रहे हैं।
चिकित्सा विभाग की ओर से पीलिया के लिए दूषित पानी की सप्लाई को जिम्मेदार बताने के बावजूद भी एक्सईएन व एईएन के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पूरे मामले में जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग के अफसरों की लापरवाही भी सामने आई है।
सोडाला के गणेशनगर, गायत्रीनगर, जमना डेयरी व आसपास के इलाके के साथ ही सिविल लाइन क्षेत्र में भी पीलिया ने पैर पसार लिए हैं। लोगों ने 15 दिन पहले ही जलदाय विभाग, चिकित्सा विभाग व जिला प्रशासन को दूषित पानी के कारण पीलिया फैलने की शिकायत कर दी थी लेकिन दोनों ही विभाग पूर्व विधायक के नजदीकी रहे व सालों से एक ही डिवीजन में जमे एक्सईएन मुकेश गोयल व एईएन दीपक शर्मा को बचाने के लिए मामले को दबाने में लगे रहे जबकि एसएमएस अस्पताल में क्षेत्र के 46 मरीजों के रक्त के सैंपल में से 35 मरीजों में हिपेटाइटिस -ई (पीलिया) की पुष्टि हो चुकी है।
लोगों का आरोप है कि पाइपलाइनों में लीकेज के कारण सीवरेज की गंदगी टंकी तक पहुंची तथा वहां से दूषित पानी घरों तक सप्लाई हुआ है। अब जलदाय मंत्री अपने विभाग की बदनाम से बचाने के लिए एक्सईएन व एईएन को बचा रही हैं।