जयपुर। परिवहन मंत्री यूनुस खान के निर्देश के बाद भी शहर में चल रहे प्रदूषण जांच केंद्रों के प्रति आरटीओ और विभाग नहीं चेता है। मंत्री ने 15 दिन पहले प्रदूषण जांच केंद्रों पर अनियमितता मिलने पर जांच के निर्देश दिए थे। इसमें आरटीओ को उड़न दस्ते लगा कर जांच करानी थी। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई होनी थी।
शहर में करीब 120 से अधिक प्रदूषण जांच केंद्र करीब 20 लाख वाहनों की जांच कर रहे हैं। वाहनों की प्रदूषण जांच 6 माह में एक बार करनी जरूर है।
यहां मिली अनियमितता
मंत्री को 24 नवम्बर को सीकर जाते समय हरमाड़ा रोड पर दो प्रदूषण जांच केंद्र वेन सड़क किनारे खड़ी हुई मिली। मंत्री ने संचालन करने वाले से जानकारी मांगी तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। वेन को चलाने पर क्षमता से अधिक धुंआ मिला। स्टाफ भी अनुभवहीन मिला। इस पर मंत्री ने परिवहन अधिकारियों को मौके पर पहुंच कर जांच के निर्देश दिए थे। जांच के बाद दोनों प्रदूषण जांच केंद्र वेन का जब्त कर हरमाड़ा थाना में खड़ी कर दी। लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित कर दिया। मंत्री ने बाकी जांच केंद्रों के भी जांच के निर्देश दिए थे।