जोधपुर। जिले के फलोदी कस्बे के मुख्य बाजार स्थित द्वारकाधीश मन्दिर से चार दिन पूर्व मूर्तियां चोरी मामले में पुलिस अभी तक कोई सुराग नहीं लगा पाई है। पुलिस इस बात की आशंका जता रही है कि ये मूर्तियां तस्करों के हाथों में पहुंच गई हैं। ऐसे में हो सकता है कि ये जयपुर पहुंच गई हों। पुलिस जयपुर के विभिन्न शो रूम पर नजर रख रही है।
चोरों ने भी बड़े शातिराना अंदाज में इस मन्दिर से मूर्तियां चोरी की। उन्होंने इस मन्दिर की सबसे बड़ी काले पत्थर से बनी राधा-कृष्ण की मूिर्त को छेड़ा तक नहीं। इसके अलावा वहां स्थापित अन्य मूर्तियों को उठा ले गए। पुलिस ने अब अलग-अलग दल गठित कर इस प्रकरण की छानबीन शुरू की है।
इस मामले में कुछ पुराने मूिर्त तस्करों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह मन्दिर बहुत पुराना है। इसमें विराजित मूर्तियां भी बहुत प्राचीन है। इस कारण प्राचीन मूर्तियों पर हमेशा तस्करों की निगाह रहती है। चोरों ने मुख्य प्रतिमा को हाथ नहीं लगाया।
इसके पीछे यह सोच भी हो सकती है कि इसकी चोरी करने से मामला ज्यादा तूल पकड़ सकता है। पुलिस के लिए इन मूर्तियों का बाजार मूल्य पता करना भी एक चुनौती बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि प्रदेश में सबसे बड़ा मूर्ती बाजार जयपुर में है।
ऐसे में इनमें से किसी शो रूम के माध्यम से इन मूर्तियों का सौदा किया जा सकता है। ऐसे में पुलिस ने इन शो रूम पर निगरानी करने किए टीमें गठित की हैं। दूसरी तरफ फलौदी शहर के विभिन्न सामाजिक संगठन मूर्त चोरों को शीघ्र पकड़ने को दबाव बनाए हुए हैं। मूर्तियां चोरी होने के दिन भी लोगों ने फलोदी में जोरदार प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया था। बाद में पुलिस के इस मामले की शीघ्र खुलासा करने के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए थे।