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जश्न मनाने की जगह गिरेबां में झांके सरकार : पायलट

7 वर्ष पहले
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जयपुर। कांग्रेस ने राज्य सरकार के 1 साल पूरा होने पर किए जा रहे जश्न के मामले पर भाजपा पर हमला बोल दिया है। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने शुक्रवार को राज्य सरकार के खिलाफ ब्लैक पेपर जारी किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार जश्न मनाने की जगह अपनी गिरेबां में झांक कर देखे कि उसने एक साल में किया क्या है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर प्रेस कान्फ्रेंस में उन्होंने यह ब्लैक पत्र जारी किया। इसी दौरान पायलट ने एक विशाल होर्डिंग का लोकार्पण भी किया जिसमें अखबारों की कटिंग मौके के चित्रों के माध्यम से सरकार के एक साल के कामकाज की पोल खोलने की कोशि​श की।
उन्होंने ब्लैक पत्र में भाजपा के एजेंडे और अन्य घोषणाओं का जिक्र करते हुए कहा कि​ काम कुछ किया नहीं, क्राइम लगातार बढ़ रहा है, भ्रष्टाचार रुक नहीं रहा, बेरोजगारी को खत्म नहीं कर पा रहे और मनाने चल रहे हैं जश्न। ये कोई जश्न का माहौल है क्या? जनता सड़क पर उतर कर जश्न मना रही है क्या? जनता में खुशी का माहौल है क्या? लोग गीत गा रहे हैं क्या? क्या मजा​क है। जश्न मनाने वाले पहले अपनी गिरेबां में तो झांक कर देखें।
क्या है ब्लैक पेपर में:
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने जो ब्लैक् पेपर जारी किया है, उसे 14 हिस्सों में बांटा है। सबके अलग-अलग हैड बनाकर सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं।
क्राइम : एक साल के दौरान अपराधों में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। 3907 अपराधी फरार हुए, 3259 ज्यादती, 1191 डकैती व लूट, 2940 हत्या या हत्या का प्रयास, 4841 अपहरण के मामले, 25164 चोरी के मामले हुए हैं। अकेले राजधानी में 22,203 आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। इनके अलावा प्रत्येक जिले में ऐसी घटनाएं हुई हैं, जो हर के पार हैं।
कृषि : यूरिया की अग्रिम व्यवस्था में फेल हुई सरकार। कालाबाजारी और वितरण की खामी। पुलिस की मौजूदगी में बांटा जा रहा यूरिया। शुक्रवार को ही टोंक में यूरिया की कतार में लगे किसानों पर जमकर लाठीचार्ज किया गया है। किसानों पर फसली ऋण में ४ प्रतिशत अधिभार। मुआवजे में अनाश्यक देरी, परवन बांध निर्माण की प्रगति बंद। नदियों को जोड़ने संबंधी कोई काम नहीं।
रोजगार व नौकरी: एक को भी रोजगार नहीं। पूर्व की गहलोत सरकार की नौकरी भी इस सरकार ने खटाई में डाली। 15 लाख नौकरी देने का वादा हवा हो गया। कौशल विकास में भी केवल १ हजार लोगों को ही ट्रेनिंग दी गई। कहा था कि एक साल में कोई ठेके पर नहीं होगा, उसका क्या हुआ। मदरसा पैराटीचर्स के मानदेय पर रोक और लगा दी।