जयपुर। वसुंधरा राजे सरकार के एक साल पूरा होने पर केंद्र सरकार की ओर से जिस तरह सड़क और ऊर्जा के क्षेत्र में घोषणाएं की गईं, उसे देखते हुए लगा कि केंद्र राज्य पर पूरी तरह मेहरबान है। जनपथ पर हुए कार्यक्रम में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने कई घोषणाएं की। यही नहीं, घोषणाओं के साथ कई योजनाओं के लिए सहायता भी मुहैया कराने की बात की।
एक साल के समारोह में पीयूष गोयल और नितिन गड़करी ने वसुंधरा सरकार की जमकर तारीफ की। गड़करी ने तो यहां तक कहा कि राज्य सरकार को इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि विरोधी उनसे एक साल का हिसाब मांग रहे हैं। विरोधी अब बेरोजगार हो गए हैं, इसलिए उनके पास अब कोई काम नहीं बचा। गड़करी और वसुंधरा राजे ने इस मौके पर 4,000 करोड़ रुपए की सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण किया।
पीयूष गोयल की ओर से की गई 8 घोषणाएं:
- दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना: इसके तहत प्रत्येक छोटे-छोटे गांव-ढाणी में बिजली कनेक्शन दिए जा सकेंगे। यानी कम से कम 100 घरों के होने पर ही गांव में बिजली कनेक्शन वाला बैरियर खत्म कर दिया गया है। इसके लिए राज्य को 5,000 करोड़ रुपए मिलेंगे। साथ ही 5,000 करोड़ रुपए ऋण के रूप में। इसमें केवल 10 फीसदी राज्य सरकार को लगाना होगा।
- इंटीग्रेटेड पावर डवलपमेंट स्कीम: इसके तहत ट्रांसमिशन, पुरानी बिजली लाइन, कम क्षमता वाले उपकरणों और सब स्टेशनों को अपग्रेड करने का काम।
- 3 नए सोलर पार्क की घोषणा: 2 जोधपुर और 1 जैसलमेर में। इनमें 2,700 मेगावाट बिजली उत्पादन हो सकेगा। इसके लिए 5,740 करोड़ रुपए की ग्रांट केंद्र से मिलेगी। इनके जरिए नौकरी के अवसर भी पैदा होंगे।
- बिजली प्रबंधन: केंद्र बिजली उत्पादन के लिए 12,000 करोड़ रुपए खर्च कर नई ट्रांसमिशन लाइंस लगवाएगी। बिजली उत्पादन के लिए 7,000 करोड़ रुपए में अलग-अलग उपक्रम लगेंगे।
- स्ट्रीट लाइट्स: राज्य के 10 शहरों में सड़कों पर स्ट्रीट लाइट्स के रूप में एलईडी लाइट्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए अलवर, भिवाड़ी, पुष्कर, चूरू, कोटा, उदयपुर, माउंट आबू, पाली, अजमेर और जोधपुर का चुनाव किया गया है। इसके बाद 2 वर्ष के अंदर राज्य के सभी शहरों की स्ट्रीट लाइट एलईडी में बदल जाएंगी।
- कोल ब्लॉक: राज्य के बंद दोनों कोल ब्लॉक एक माह में ही सौंप दिए जाएंगे।
- सब स्टेशन अपग्रेड: राज्य के सब स्टेशनों को अपग्रेड करने के लिए 183 करोड़ रुपए ग्रांट देने की बात की।
- स्कूलों में शौचालय: ऊर्जा व कोयला मंत्रालय की ओर से राज्य के 2,785 स्कूलों में लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग 4,950 शौचालय बनाए जाने की घोषणा भी की।