जयपुर। पीसीपीएनडीटी सैल एवं समुचित प्राधिकारी की अोर से दो से तीन साल पहले सोनोग्राफी सेंटर्स पर किए गए निरीक्षण में गड़बडिय़ां मिलने पर सेंटरों के 15 दिन से लेकर छह माह तक का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। कुछ को चेतावनी दी है। साथ ही दो सेंटर्स के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करने का आदेश दिया है।
पीसीपीएनडीटी सैल के सदस्यों को वर्ष 2011 व 2012 में निरीक्षण के दौरान खामियां मिली थी। गड़बड़ी करने वाले सेंटर्स के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय जांच के बाद पिछले माह में राज्य सलाहकार समिति के सदस्यों की आयोजित बैठक में लिया गया।
जयपुर के विश्वकर्मा रोड नंबर-4 स्थित ज्योति नर्सिंग होम की जांच के लिए अधिकारी को जांच के निर्देश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर को कार्यवाही के लिए लिखा है। इसी तरह जयपुर के श्याम नगर स्थित शरद हॉस्पिटल तथा उदयपुर के अमोलक डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करने के आदेश दिए है।
किसका कितने समय के लिए लाइसेंस निलंबन
- जैसलमेर के गांधी कॉलोनी स्थित न्यू राजस्थान डायग्नोस्टिक सेंटर व जैसलमेर के ही प्राची मेडिकल केयर का छह-छह माह के लिए निलंबन
- श्वेता डायग्नोस्टिक सेंटर बीकानेर का 6 माह
- चौधरी जनाना अस्पताल सागर सिटी, चौमू (जयपुर) का 6 माह
- संजीवनी हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट न्यू सांगानेर, जयपुर का दो माह
- अवनीश हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेन्टर डेगाना नागौर का एक माह
- जोशी सोनोग्राफी सेन्टर लक्ष्मणगढ़ सीकर का एक माह
- राजहंस डायग्नोस्टिक सेंटर बांरा का 15 दिन के लिए
इन्हें दी गई है चेतावनी :
निरीक्षण के दौरान रिकार्ड का संधारण नहीं करने पर मूंदड़ा नर्सिंग होम लक्ष्मणगढ़ (सीकर), लाईफ लाइन डायग्नोस्टिक सेन्टर मिलाप नगर जयपुर को चेतावनी नोटिस दिया है।
इनका भी लाइसेंस निलंबन:
पीसीपीएनडीटी सेल की ओर से दिसंबर 2013 में किए गए निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर जयपुर के तीन सेंटरों का अधिनियम की धारा 20(3) के तहत लाइसेंस निलंबन किया है। इसमें जमवारामगढ़ के अनंत हॉस्पिटल, सायपुरा के सुनील चेरिटेबल हॉस्पिटल एवं शर्मा हॉस्पिटल सायपुरा का निलंबन किया है। इसके अलावा राज्य के करीबन 12 सेंटरों को नोटिस दिया गया है।
ये है अनिवार्य:
पीसीपीएनडीटी एक्ट के अनुसार निम्न अनिवार्य है। सेन्टर पर संचालित मशीन का पंजीकरण करवाना, जिला समुचित प्राधिकारी को हर माह रिपोर्ट भेजना, फार्म-एफ के कालम नंबर-20 में सोनोलोजिस्ट के पंजीकरण नंबर लिखना, सोनोग्राफी रिपोर्ट का रजिस्टर में इंद्राज करना, पीसीपीएनडीटी एक्ट की प्रति रखना, फार्म-एफ में गर्भवती महिला के हस्ताक्षर, सोनोग्राफी अधिकृत चिकित्सक द्वारा ही करना, सेंटरों पर रिकार्ड का संधारण दो साल तक रखना एवं संस्थान का पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रदर्शित करना आदि।
फोटो: सुरेन्द्र स्वामी