जयपुर। शहर में जल्द ही प्रदेश का पहला एग्रीकल्चर म्यूजियम देखने को मिलेगा। एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी नॉलेज सेंटर नाम से बनने जा रहे इस म्यूजियम में ब्रिटिश काल से अब तक एग्रीकल्चर सेक्टर में हुए बदलाव देखें जा सकेंगे। 2016 तक ये म्यूजियम बनकर तैयार होगा।
जानकारी के अनुसार दुर्गापुरा स्थित, राजस्थान एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट में एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी नॉलेज सेंटर म्यूजियम तैयार किया जाएगा। ब्रिटिश काल से एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर व एनीमल हजबेंड्री राजस्थान इकोनॉमी का अहम हिस्सा रहें है। इन सभी बदलावों को म्यूजियम में रखा जाएगा।
मेडिसिन प्लांट्स की करीब 50 किस्में भी यहां डिस्पले करेंगे। विभिन्न बीमारियों में काम आने वाले प्लांट्स भी होंगे खास। जैसा कि करीब 70 फीसदी आबादी एग्रीकल्चर सेक्टर से जुड़ी हैं। इसे ध्यान में रखते हुए ट्रेनिंग फैसिलिटी इसमें अहम होगी। करीब 5,000 वर्गमीटर में म्यूजियम तैयार होगा।
म्यूजियम से क्या फायदा होगा:
- राजस्थान में मौजूद एग्रीकल्चर, गार्डनिंग व पशुपालन विकास के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी एवं जानकारी उपलब्ध कराना अहम उद्देश्य है।
- राजस्थान के एग्रीकल्चर सेक्टर में हुए हिस्टोरिकल डेवलपमेंट को यहां डिसप्ले किया जाएगा।
- गार्डनिंग से जुड़े फार्मर्स, फार्म वुमन, एक्टेंशन वर्कर्स व स्टेक होल्डर्स ट्रेनिंग व ओरियंटेशन में शामिल होंगे।