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24 बिजली देने के प्रोजेक्ट पर कर रहे है करोड़ों खर्च, किसानों को नहीं मिल रही 6 घंटे बिजली

7 वर्ष पहले
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जयपुर। केंद्र सरकार से सहयोग से प्रदेश में घरेलू व अघरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली सप्लाई करने का प्रोजेक्ट अभी से सवालों के घेरे में आ गया है। किसान संगठनों ने इस प्रोजेक्ट को बिजली कंपनियों को निजीकरण की ओर धकेलने वाला बताया है।
उनका कहना है कि किसानों को 6 घंटे भी बिजली सप्लाई नहीं हो रही है और सामान्य उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली देने की बाते हो रही है। कृषि कनेक्शन के लिए किसान पांच साल से इंतजार कर रहे है। नई सरकार ने कृषि नीति बनाने के नाम पर ड्रिप योजना में दिए जा रहे कनेक्शनों पर भी पाबंदी लगा दी।

जयपुर किसान मंच के प्रभारी रामनारायण किसान (बूपला) व किसान नेता महेश शर्मा ने बताया कि पहले भी सरकार ने घरेलू व अघरेलू उपभोक्ताओं को बिजली देने के लिए 2004 से 2008 तक करोड़ों रुपए फीडर रिनोवेशन प्रोग्राम (एफआरपी) के नाम पर बर्बाद किए थे।
इसके बावजूद बिजली महंगी दरों पर खरीद कर बिजली कंपनी का घाटा बढ़ाते रहे और टैरिफ का भार उपभोक्ताओं पर डालते रहे। इसी तरह दुबारा से कर्जा बढ़ाने वाले प्रोजेक्टों को लागू किया जा रहा है।