जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) कंट्रोल रूम में अवैध निर्माण, सरकारी जमीनों पर कब्जा, अवैध फैक्ट्रियां बनाने की शिकायतों पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। इससे अवैध कॉलोनी बसाने, सरकारी जमीन पर कब्जा करने व आवासीय कॉलोनियों में फैक्ट्रियां बनाने वालों की मौज हो रही है। बताया जा रहा है कि जेडीए की प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों की मिलीभगत करने वालों के खिलाफ केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है।
वहीं जेडीसी के सामने आंकड़े पेश करने के लिए अन्य लोगों पर कार्रवाई हो रही है। जेडीए की इस पक्षपात पूर्ण कार्यवाही से लोगों में रोष है। जेडीए जोन नं. 2 में पिछले छह महीने में सैकड़ों शिकायतें दर्ज की गई है, लेकिन कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति। जहां पर आंकड़ों में दिखाने के लिए कार्रवाई की गई थी, वहां भी अब पूर्ण निर्माण हो चुका है। इससे जेडीए के प्रवर्तन शाखा के लंबे चौड़े लवाजमे व अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे है।
शिकायत के बावजूद बस गई अवैध कॉलोनियां व फैक्ट्रियां :
जेडीए कंट्रोल रूम में रोजाना 30 से 50 शिकायतें दर्ज होती है। इन शिकायतों के बाद प्रवर्तन शाखा के फील्ड असिस्टेंट (एफए) व प्रवर्तन अधिकारी मौका निरीक्षण तथा कार्रवाई करते है। इसके बावजूद जेडीए रीजन में पिछले छह महीने में सैकड़ों अवैध कॉलोनियां व फैक्ट्रियां बन गई।