निगम ने सीज की तीन इमारतें
जोधपुर। सूर्यनगरी में धड़ले से बन रही अवैध इमारतों के खिलाफ नगर निगम ने पहली बार कड़े तेवर अपनाए है। निगम ने सोमवार को शहर में एक शानदार होटल सहित तीन इमारतों को सीज कर दिया। इन इमारतों के निर्माण में कई अनियमितताएं सामने आने पर इनके मालिकों को नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद शनिवार को ये इमारते 24 घन्टे में खाली करने को कहा था। पावटा क्षेत्र में सीज की गई होटल वाली इमारत में एक बैंक भी चलता है। इस बैंक परिसर को सीज की प्रक्रिया से फिलहाल अलग रखा गया है।
जोधपुर में सारे नियमों को ताक में रख अवैध भवनों का निर्माण जोरों से चल रहा है। इसे रोकने को जिम्मेदार निगम के कारिन्दे भी आंख मूंद कर अनजान बने बैठे रहे। यही कारण रहा कि कई इमारतें ऐसी खड़ी हो गई जिनमें ना तो पार्किंग की सुविधा है और न ही सेटबैक का प्रावधान। दो दिन पूर्व निगम की तन्द्रा यकायक टूटी और उसने ताबड़तोड़ ऐसी इमारतों को सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। विरोध हुआ तो इनके मालिकों को 24 घन्टे की मोहल्लत दे इन्हें खाली करने का फरमान सुना दिया। इस कड़ी में सबसे पहले पावटा क्षेत्र में बनी आलीशान मैंगों होटल की इमारत को सीज किया गया। इस इमारत के मालिक अमरचन्द पूंगलिया को महज तीन मंजिल बनाने की अनुमति प्रदान की गई, लेकिन उसने पांच मंजिले बना ली। साथ ही पार्किंग के लिए बिलकुल भी जगह नहीं छोड़ी गई। इस इमारत में एसबीबीजे की एक शाखा चल रही है। बैंक के अधिकारियों ने इस इमारत को सीज करने का विरोध किया। इस पर इस बैंक को सीज से मुक्त रखा गया है, लेकिन बैंक प्रबन्धन से कहा गया है कि वे अपना किराया निगम में जमा कराए। इसी तर्ज पर महामन्दिर व मंडोर क्षेत्र में भी दो इमारतों को आज सीज किया गया है।
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