जयपुर। स्वाइन फ्लू के मरीजों के उपचार में लापरवाही करने वाले दो डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। एक डॉक्टर को सेवा कार्यों से बर्खास्त कर दिया गया और एक अन्य को एपीओ किया गया है। इसके अलावा एक यूनिट इंचार्ज को कारण बताओ नोटिस भी दिया गया है।
राज्यस्तरीय टाॅस्क फोर्स अध्यक्ष डाॅ. अशोक पनगडि़या की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख शासन सचिव जेसी मोहंती ने एसएमएस अस्पताल के सहायक प्रोफेसर डॉ. लक्ष्मीकांत को बर्खास्त और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राघवेन्द्र चौधरी को एपीओ कर बीकानेर मुख्यालय कर दिया गया। यूनिट एंचार्ज डाॅ. पी. एस. पीपलीवाड को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, एक्सपर्ट करें मरीजों की जांच
मोहंती ने कहा कि स्वाइन फ्लू के काम में जरा भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसएमएस अस्पताल में स्वाइन फ्लू के लिए 24 घंटे एक विशेषज्ञ चिकित्सक की उपस्थिति सुनिश्चित करने, आइसोलेशन वार्ड एवं ऑबजर्वेशन वार्ड तीन अतिरिक्त चिकित्सक नियुक्त करने, सैम्पल जांच रिपोर्ट यथाशीघ्र प्राप्त करने के लिए निजी लैब द्वारा सैम्पल जांच करने और एंटी वैक्सीन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
डाॅ. पनगडिया ने एसएमएस चिकित्सालय में नया इंटरमेडीऐट वार्ड खोलने एवं आईसीयू का राउण्ड करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ही आईसोलेशन वार्डस के मरीजों की भी जांच कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मुकेश शर्मा, संयुक्त शासन सचिव शिक्षा डाॅ.एस.पी.सिंह, एसएमएस मेडिकल काॅलेज प्राचार्य डाॅ. यू.एस.अग्रवाल, एसएमएस अस्पताल अधीक्षक डाॅ. मान प्रकाश शर्मा, डाॅ.सीएल नवल सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।