जोधपुर। शहर के कुलदीप विहार क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक श्रमिक दम्पती की हत्या ने शहर के लोगों को हिला कर रख दिया। श्रमिक पति-पत्नी के सिर व चेहरे पर लोहे की रॉड से अंधाधुंध वार किए हुए है।
झोपड़ी में रहने वाले इस दम्पती की हत्या का कारण पुलिस के लिए फिलहाल पहेली बना हुआ है। क्योकि यहां पर किसी प्रकार की लूट के लिए हत्या होने का कारण नजर नहीं आ रहा है। पुलिस ने इस मामले में निकट ही एक अन्य झोपड़ी में रहने वाले श्रमिक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
शहर के बाहरी छोर पर स्थित बिड़ला स्कूल के सामने स्थित कुलदीप विहार कॉलोनी में काफी मकान बने हुए है। इनके बीच एक खाली भूखण्ड पर राजसमंद जिले की भीम तहसील के तिबाना गांव का दाऊसिंह रावत(32) अपनी पत्नी ललिता व दो छोटे बच्चों के साथ रहता था। दाऊ निर्माणाधीन मकानों पर मजदूरी करता था। जबकि ललिता आसपास के मकानों में झाड़ू-पोछा का काम करती थी।
इनके दो बच्चे साढ़े पांच साल की चंचल व तीन साल का गोलू इनके साथ ही रहते थे। मंगलवार की शाम दाऊ मजदूरी कर घर पर आ गया। क्षेत्र के लोगों ने दोनों को रात नौ बजे तक झोपड़ी के बाहर देखा। सुबह इनके दोनों बच्चे झोपड़ी के बाहर खड़े जोर-जोर से रो रहे थे। पड़ोस में रहने वाला एक व्यक्ति अपने बच्चों को स्कूल छोड़कर वापस आया तो उसने बच्चों को रोते हुए देखा। इस पर उसने बच्चों से पूछा लेकिन वे कुछ जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद उसने अन्दर जाकर देखा तो दाऊ और ललिता के खून से सने शव पड़े थे। उसने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची। झोपड़ी के अन्दर एक तरफ दाऊ का शव पड़ा था। उसके बिलकुल पास में ही अर्द्धनग्न अवस्था में ललिता का शव पड़ा था। उनके सिर व चेहरे पर कई घाव थे। पुलिस का मानना है कि हत्यारे ने इनके सिर व चेहरे पर संभवतया लोहे की रॉड से कई वार किए। इस कारण दोनों की वहीं मौत हो गई।
मौके पर किसी प्रकार के संघर्ष के निशान भी नजर नहीं आ रहे है। इससे साफ जाहिर है कि नींद में सोते समय दोनों पर तेजी से वार किए गए। इस कारण दोनों को संभलने तक का अवसर नहीं मिला।
इन दोनों का कोई परिजन यहां पर नहीं रहता। एक दूर का रिश्तेदार सूचना मिलने पर वहां आया। वह भी शहर में मजदूरी करता है। पुलिस इस मामले में निकट ही रहने वाले मसूदा के एक श्रमिक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, लेकिन अभी तक यह दोहरा हत्याकांड पुलिस के लिए गुत्थी बना हुआ है।