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6 वर्ष पहले
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जोधपुर। शहर की एक पॉश कॉलोनी के बीच बनी एक झोपड़ी में मंगलवार की सर्द रात में दो मासूम अपने मां-बाप के शवों के पास बैठे पूरी रात बिलखते रहे। अपने मां-बाप के इस दुनिया से विदा हो जाने से अनजान ये दोनों मासूम पूरी रात रोते हुए खून से सने शवों को नींद से जगाने का प्रयास करते रहे, लेकिन दोनों को इसमें कोई सफलता नहीं मिली।
इन दोनों में छोटा गोलू तो थकहार देर रात नींद की आगोश में समा गया, लेकिन उसकी बड़ी बहन चंचल पूरी रात जतन करती रही कि उसकी मां एक बार उठकर उससे बात करे। चंचल रोती रही और प्रयास करती रही। इस कोशिश में दिन निकल आया, लेकिन मां-बाप में से कोई नहीं उठा। अलबत्ता रोजाना देर तक सोने वाला उसका छोटा भाई आज जल्दी उठ गया। मां-बाप से जवाब नहीं मिलता देख निराशा में डूबे दोनों मासूम अपनी झोपड़ी के बाहर बैठ जोर-जोर से रोने लगे। आखिरकार एक पड़ोसी की नजर उन पर पड़ी जब सारा माजरा सामने आया कि दोनों मासूमों के मां-बाप अब इस दुनिया में नहीं रहे।

इस झोपड़ी के पड़ोस में रहने वाले श्यामसिंह ने बताया कि मैं अपने बच्चों को स्कूल लेकर गया तो दोनों बच्चे रो रहे थे। मैने इसे सामान्य बात समझा और रवाना हो गया। लौटकर आया तो देखा दोनों बच्चे अभी तक रो रहे है। इस कारण मैं उनके पास गया और पूछा, लेकिन दोनों की हिचकियों के बीच स्वर दब से गए थे। ऐसे में झोपड़ी के अन्दर जाकर देखा तो एक बार खुद भी सहम गया। खून से सने पति-पत्नी के शव पड़े थे। बाहर आकर मैने बच्चों को संभालने के साथ ही अन्य लोगों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी। उसका कहना है कि दोनों बच्चों को पूरी रात रोने के कारण बुरा हाल था। आसपास रहने वाली कुछ महिलाओं ने बड़ी मुश्किल से दोनों को चुप कराया।
शहर में मंगलवार देर रात श्रमिक दम्पती की हत्या के मामले में सबसे अहम गवाह इस दम्पती के दो मासूम बच्चे है। पुलिस इन दोनों में बड़ी साढ़े पांच साल की पुत्री चंचल से जानकारी हासिल करने का प्रयास कर रही है। उससे मिली जानकारी के आधार पर ही पुलिस जांच आगे बढ़ रही है। बिड़ला स्कूल के सामने की कॉलोनी में स्थित एक झोपड़ी में रहने वाले श्रमिक दाऊ व उसकी पत्नी ललिता की आधी रात को हत्या हो गई थी। पुलिस अब मासूम चंचल से पूछ रही है कि रात को उसकी झोपड़ी में क्या हुआ। लेकिन डरी सहमी चंचल के मुंह से बोल ही नहीं फूट रहे है। इसके लिए पुलिस आसपास की महिलाओं की भी मदद ले रही है। ताकि वे इन बच्चों को कुछ खाना खिलाकर इनसे जानकारी हासिल कर सके। पुलिस का कहना है कि इस मामले में चंचल ही सबसे अहम जानकारी उपलब्ध करवा सकती है।