जयपुर। जिले के कोटपूतली, विराटनगर व शाहपुरा तहसीलों के करीब पांच हजार कस्टोडियन काश्तकारों को जमीन का मालिकाना हक मिलेगा। राज्य सरकार के आदेश के बाद इन तहसीलों के गैर कृषक खातेदार के रूप में दर्ज किसानों को उनकी भूमि का पट्टा जारी कर मालिकाना अधिकार दिया जाएगा।
प्रदेश के अलवर, भरतपुर, गंगानगर , जयपुर सहित अन्य जिलों में कस्टोडियन लैंड से संबंधित प्रकरण थे। राज्य सरकार ने समय-समय पर नियमों में परिवर्तन कर इस समस्या का समाधान किया जिससे कस्टोडियन गैर खातेदार काश्तकार अब मालिक बन गए थे। इसके बावजूद जिले की कोटपूतली, शाहपुरा व विराटनगर तहसील क्षेत्र के करीब 5 हजार किसान गैर कृषक खातेदारों के प्रकरणों का निस्तारण नहीं हुआ।
अब राज्य सरकार ने आदेश जारी कर उनकी भूमि का नियमन एवं पट्टा जारी करने के आदेश दिए है।
ये है कस्टोडियन लैंड:
विभाजन के बाद कुछ लोग देश छोड़कर चले गए थे। उनकी जमीन को सरकार ने अपनी कब्जे (कस्टडी) में ले ली थी। इससे कस्टोडियन लैंड कहते है। इसके बाद सरकार ने इस कस्टोडियन लैंड को पाकिस्तान से आए हुए लोगों को अलॉट किया था।
शेष भूमि को कुछ स्थानीय भूमिहीन किसानों को भी अलॉट किया था। ऐसे में इन खातेदारों के पास गैर खातेदारी अधिकार दिए गए थे। लेकिन जमाबंदी में उप-कृषक लिखा हुआ था। इसके कारण पहले दिक्कत आ रही थी। अब नियम बनाने से खातेदारी अधिकार देने का मार्ग खुला है।