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राजस्थान में शौचालय बना भी रहे हैं और उपयोग भी: राज्यपाल

6 वर्ष पहले
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जयपुर। राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा है कि राजस्थान में अनुसूचित क्षेत्र का विस्तार कर 672 नए गांवों एवं तीन नगरपालिकाओं को शामिल करने का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रस्तुत किया जा चुका है।
उन्होंने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से आग्रह किया कि नए क्षेत्रों को अधिसूचित क्षेत्र शीघ्र घोषित किया जाए ताकि इन क्षेत्रों में रहने वाली जनजातीय जनसंख्या को भी अनुसूचित क्षेत्र के दायरे में लाया जा सके। राज्यपाल सिंह बुधवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्यपाल सम्मेलन में प्रदेश की चर्चा कर रहे थे।
राज्यपाल ने कहा है कि सभी राज्यों में जनजाति सलाहकार परिषद की संरचना में एकरूपता लाने की आवश्यकता है। वहीं, आदिवासियों के भूमि संबंधी अधिकारों के क्रियान्वयन व अन्य कठिनाइयों का त्वरित निवारण होना चाहिए।
राजस्थान में अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में लगभग बारह प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है। सिंह ने संविधान की पांचवीं अनुसूची में अनुसूचित क्षेत्र में शांति एवं सुशासन स्थापित करने के लिए राज्यपालों द्वारा उत्तरदायित्वों का अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए विवेकपूर्ण तरीके से निर्वहन करने की जरूरत बताई है।
सिंह ने कहा कि महानायक महाराणा प्रताप की जन्म भूमि व कर्म भूमि रहा राजस्थान देश का शांतिप्रिय राज्य है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रफल की दृष्टि से देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान का एक हजार से अधिक किलोमीटर का सीमा क्षेत्र पाकिस्तान से सटे होने के कारण राज्य के समक्ष सुरक्षा व विकास की गंभीर चुनौतियां हैं। राज्यपाल सिंह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के जिलों में सुरक्षा को अधिक मजबूत किये जाने की आवश्यकता प्रतिपादित की है।

राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा योजना लागू करने के संबंध में बैंकों की तुलना में डाकघर ज्यादा उपयोगी सिद्घ हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान के उदयपुर में आजीविका कौशल विकास केन्द्र की स्थापना की गई है।
‘मेक इन इंडिया‘ की दिशा में राज्य में औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए श्रम कानूनों एवं एप्रेंटिस एक्ट में आवश्यक संशोधन किए गए हैं। सिंह ने कहा कि राजस्थान में स्वच्छ भारत मिशन का क्रियान्वयन सभी जिलों में किया जा रहा है। लोगों को शौचालय बनाने तथा उपयोग किए जाने के लिए निरंतर प्रेरित किया जा रहा है।